त्र्यंबकेश्वर मंदिर और कुशावर्त 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से 31 अक्टूबर शाम 6 बजे तक बाहरी श्रद्धालुओं के लिए बंद: कलेक्टर का आदेश, सिर्फ़ स्थानीय निवासी और पासधारक जा सकेंगे

त्र्यंबकेश्वर मंदिर और कुशावर्त तीर्थ शुक्रवार 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से शनिवार 31 अक्टूबर शाम 6 बजे तक, या ध्वजारोहण कार्यक्रम ख़त्म होने तक, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। PTI और हिंदुस्थान समाचार के अनुसार कलेक्टर आयुष प्रसाद ने 29 अक्टूबर को प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। सिर्फ़ त्र्यंबकेश्वर शहर के निवासियों और ज़िला प्रशासन या देवस्थान ट्रस्ट के आधिकारिक दर्शन पासधारकों को प्रवेश मिलेगा। इससे 21 अक्टूबर की वह ख़बर बदल गई है कि 31 अक्टूबर को मंदिर 3,000 पास के साथ खुला रहेगा। एक अलग आदेश से 30 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक बाहरी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद है।

यह खबर सुनें

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

2 मिनट में पढ़ें

मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Trimbakeshwar Jyotirlinga temple illuminated in the evening
Trimbakeshwar Jyotirlinga temple in the evening (9 June 2024).Photo: “Trimbakeshwar Jyotirling Temple 9 June 2024.jpg” by Arkesh.mantri, via Wikimedia Commons, CC BY 4.0

अगर आप आज या कल त्र्यंबकेश्वर में दर्शन की योजना बना रहे थे, तो योजना बदल लें। रिपोर्ट, आधिकारिक विज्ञप्ति के हवाले से: PTI और हिंदुस्थान समाचार (29 अक्टूबर) के अनुसार ज़िला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति में यह बंदी घोषित की। आदेश की मूल प्रति हमने नहीं देखी है।

यह हमारी 22 अक्टूबर की ख़बर 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर मंदिर 3,000 पास के साथ खुला रहेगा का फ़ॉलो-अप है। वह योजना अब बदल गई है।

मंदिर और कुशावर्त: कौन जा सकेगा

  • कब: शुक्रवार 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से शनिवार 31 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक, या कार्यक्रम ख़त्म होने तक।
  • क्या बंद: बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए त्र्यंबकेश्वर मंदिर और कुशावर्त तीर्थ पर दर्शन।
  • कौन जा सकेगा: त्र्यंबकेश्वर शहर के निवासी, और ज़िला प्रशासन या त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट से मिला आधिकारिक दर्शन पास रखने वाले श्रद्धालु।
  • क्यों: राष्ट्रपति और अन्य VVIP की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण। हिंदुस्थान समाचार के अनुसार यह फ़ैसला पुलिस अधीक्षक (नाशिक ग्रामीण), देवस्थान ट्रस्ट के सचिव और ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में हुआ।
  • कानूनी आधार: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (हिंदुस्थान समाचार)। PTI के अनुसार उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
  • घोषित नहीं: बाहरी श्रद्धालुओं को पास कैसे मिलेगा, और 31 अक्टूबर को सामान्य दर्शन ठीक कितने बजे शुरू होंगे।

त्र्यंबकेश्वर शहर में यातायात: 30 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक

प्रहार के अनुसार अपर ज़िला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने 28 अक्टूबर को अलग आदेश जारी किया:

  • बाहरी वाहन नए जव्हार फाटा या रिंगरोड से शहर में नहीं आ सकेंगे।
  • नया जव्हार फाटा, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक, लक्ष्मीनारायण चौक मार्ग अन्य सभी वाहनों के लिए बंद।
  • विशेष अनुमति के बिना वाले वाहन पुराना जव्हार फाटा, थ्री लीव्स होटल, कुंभारतले पार्किंग, निवृत्तिनाथ मंदिर, रिंगरोड होकर जाएँगे।
  • निवासी रिंगरोड, निवृत्तिनाथ मंदिर, पुलिस थाना, थ्री लीव्स होटल, कुंभारतले पार्किंग, पुराना जव्हार फाटा मार्ग इस्तेमाल करें। नाशिक जाने वाले निवासी सापगाँव होकर जाएँ।

यह नाशिक-त्र्यंबक सड़क बंदी और गिरणारे वाले वैकल्पिक रास्ते के अलावा है। देखें सड़क बंदी की ख़बर।

आज त्र्यंबक में शोभायात्रा

साईमत लाइव के अनुसार शहर की ध्वज शोभायात्रा शुक्रवार 30 अक्टूबर शाम 4 बजे कुशावर्त से निकलेगी, तेली गली, इंदिरा गांधी मार्ग, पाटिल लेन, आंबेडकर चौक, मंदिर, लक्ष्मीनारायण चौक और मेन रोड होते हुए करीब रात 8 से 8:30 बजे कुशावर्त लौटेगी। इसमें 11 झाँकियाँ होंगी और सड़क कामों से कुछ गलियाँ सँकरी होने के कारण साधु पैदल चलेंगे।

स्रोतों में अंतर

  • कुशावर्त पर ध्वज कौन फहराएगा: हिंदुस्थान समाचार के अनुसार रामकुंड पर राष्ट्रपति और कुशावर्त पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ध्वज फहराएँगे। सरकारनामा ने पहले शृंगेरी के शंकराचार्य का नाम बताया था। देखें त्र्यंबक में राष्ट्रपति का प्रस्तावित कार्यक्रम।
  • शहर के यातायात आदेश का समय (सुबह 6 बजे) नाशिक-त्र्यंबक सड़क बंदी के सुबह 8 बजे से अलग है। ये दो अलग आदेश हैं।

त्र्यंबक पर और जानकारी: हमारी त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड और ध्वजारोहण 2026 हब।