ध्वजारोहण के दौरान नाशिक में ड्रोन पर रोक: शहर पुलिस और ज़िला प्रशासन के आदेश, 31 अक्टूबर आधी रात तक ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट-एयर बलून पर पाबंदी

प्रहार और वेगवान महाराष्ट्र के अनुसार 28 अक्टूबर को जारी दो अलग आदेशों से सिंहस्थ ध्वजारोहण के दौरान नाशिक में ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने पूरे नाशिक पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र को 31 अक्टूबर आधी रात तक 'नो ड्रोन फ्लाय ज़ोन' घोषित किया है, जिसमें ड्रोन, ड्रोन से फ़ोटो-वीडियो, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हॉट-एयर बलून और माइक्रोलाइट विमान शामिल हैं। अपर ज़िला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने 30 और 31 अक्टूबर को नाशिक ग्रामीण ज़िले को 'नो ड्रोन' और 'नो पैराग्लाइडिंग' ज़ोन घोषित किया है। उड़ान के लिए पहले अनुमति लेनी होगी और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

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लेखक: The Nashik Kumbh Desk

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मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Ramkund on the Godavari river in Panchavati, Nashik, with ghats, temple spire and pilgrims
Ramkund on the Godavari, Panchavati, Nashik.Photo: “Ramkund,nashik.JPG” by Mahi29, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

अगर आप ग्राम प्रदक्षिणा, ध्वजारोहण या गोदा आरती के ड्रोन शॉट लेने की सोच रहे थे, तो ड्रोन घर पर ही छोड़ें। रिपोर्ट: नीचे की जानकारी प्रहार और वेगवान महाराष्ट्र (28 अक्टूबर) से है, जिन्होंने दोनों आदेशों का हवाला दिया है। आदेश की मूल प्रति हमने नहीं देखी है।

नाशिक शहर: 'नो ड्रोन फ्लाय ज़ोन'

  • किसने आदेश दिया: पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1)(सी) के तहत।
  • कहाँ: पूरा नाशिक पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र, जिसे सुरक्षा के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है।
  • कब: प्रहार के अनुसार आदेश 29 अक्टूबर 2026 रात 12:01 बजे से 31 अक्टूबर 2026 रात 12 बजे तक लागू है।
  • किस पर रोक: ड्रोन उड़ाना, ड्रोन से फ़ोटो या वीडियो लेना, और पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हॉट-एयर बलून, माइक्रोलाइट विमान जैसे हवाई साधनों का इस्तेमाल, जब तक पुलिस आयुक्त से पहले अनुमति न ली गई हो।
  • क्यों: आदेश में रामकुंड, गोदाघाट परिसर और देवमामलेदार मंदिर पर ड्रोन हमले के संभावित ख़तरे और दुनिया में हुए ड्रोन हमलों का ज़िक्र है।
  • सज़ा: भारतीय न्याय संहिता, 2023, विमान अधिनियम, 1934 और अन्य कानूनों के तहत स्थानीय थाने के ज़रिए कार्रवाई।

नाशिक ग्रामीण ज़िला: 'नो ड्रोन' और 'नो पैराग्लाइडिंग' ज़ोन

  • किसने आदेश दिया: अपर ज़िला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने।
  • कहाँ: नाशिक ग्रामीण पुलिस का क्षेत्र, जिसमें त्र्यंबकेश्वर आता है।
  • कब: 30 और 31 अक्टूबर 2026।
  • किस पर रोक: सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाना और पैराग्लाइडिंग। उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

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