नाशिक–त्र्यंबकेश्वर मार्ग 30 अक्टूबर सुबह 8 से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक बंद: गिरणारे होकर वैकल्पिक मार्ग, घोटी रास्ता भी बंद; पुलिस ने गोदा आरती की प्रवेशबंदी और शोभायात्रा का पूरा मार्ग बताया
अपर ज़िला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत की अधिसूचना के तहत नाशिक–त्र्यंबकेश्वर का नियमित मार्ग शुक्रवार 30 अक्टूबर सुबह 8 बजे से शनिवार 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक बंद रहेगा, क्योंकि राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री कुशावर्त आने वाले हैं (प्रहार, सकाळ, टाइम्स ऑफ इंडिया, 26 अक्टूबर)। वाहन गोवर्धन और गिरणारे होकर जाएँगे, जो नियमित 30 किमी की जगह करीब 61 किमी है, और घोटी–त्र्यंबक मार्ग भी बंद रहेगा (TOI)। नाशिक शहर पुलिस की अधिसूचना के TOI वाले विस्तृत ब्योरे में मेन रोड होकर शोभायात्रा मार्ग, गोदा आरती की प्रवेशबंदी, और नो-पार्किंग हिस्से हैं, साथ ही राष्ट्रपति का मार्ग: ओझर, रामकुंड, त्र्यंबकेश्वर और वापस रामकुंड।
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लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

ज़िला प्रशासन ने ध्वजारोहण के लिए त्र्यंबकेश्वर की तरफ़ का ट्रैफ़िक प्लान जारी कर दिया है, और टाइम्स ऑफ इंडिया ने नाशिक शहर पुलिस की उस अधिसूचना का ज़्यादा विस्तृत ब्योरा छापा है जिसकी ख़बर हमने कल दी थी (26 अक्टूबर की ख़बर)। रिपोर्ट: दोनों अधिसूचनाएँ हमने खुद नहीं देखी हैं। त्र्यंबक के मार्ग प्रहार और सकाळ से हैं, जो आपस में और टाइम्स ऑफ इंडिया से मेल खाते हैं; शहर की अतिरिक्त जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया से है।
नाशिक–त्र्यंबकेश्वर मार्ग: 30 अक्टूबर सुबह 8 बजे से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक बंद
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त और नए घाट पर आने वाले हैं, इसलिए अपर ज़िला दंडाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत अधिसूचना जारी की है (प्रहार, सकाळ, 26 अक्टूबर)। यह शुक्रवार 30 अक्टूबर सुबह 8 बजे से शनिवार 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक लागू रहेगी।
- नाशिक से त्र्यंबकेश्वर: नियमित मार्ग (नाशिक, पिंपलगाँव बहुला, संदीप फ़ाउंडेशन, खंबाले, पेगलवाड़ी फाटा) बंद है। इसकी जगह अमृत चौक, बारदान फाटा, गोवर्धन, गिरणारे, धोंडेगाँव, देवरगाँव, वाघेरा फाटा, अंबोली फाटा, सापगाँव, त्र्यंबकेश्वर से जाएँ।
- त्र्यंबकेश्वर से नाशिक, और जव्हार–मोखाडा से आने वाले वाहन: अंबोली, त्र्यंबकेश्वर, पेगलवाड़ी, खंबाले की जगह जव्हार, मोखाडा, अंबोली टी-पॉइंट, वाघेरा फाटा, कोने, साप्ते, देवरगाँव, गिरणारे, गोवर्धन, नाशिक से आएँ।
- मुंबई की ओर से (वैतरणा फाटा, पहिने, त्र्यंबकेश्वर): वैतरणा फाटा, नाशिक, अमृत गार्डन, बारदान फाटा, गोवर्धन, गिरणारे, धोंडेगाँव, त्र्यंबकेश्वर से जाएँ।
- पहिने से नाशिक: पहिने, आहुर्ली, सांजेगाँव, वाडीवर्हे, नाशिक।
- पहिने से त्र्यंबकेश्वर: पहिने, भिलमाल, निरगुडपाडा, जांभुलपाडा, सापगाँव, त्र्यंबकेश्वर।
- PWD और NHAI को इन मार्गों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कितना लंबा रास्ता: टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार नाशिक से वैकल्पिक मार्ग हर तरफ़ नियमित 30 किमी की जगह करीब 61 किमी है। उसके अनुसार 42 किमी का घोटी–त्र्यंबकेश्वर मार्ग भी बंद है और वाहनों को नाशिक, गोवर्धन और गिरणारे होकर जाना होगा, जो हर तरफ़ करीब 104 किमी है। ये दूरियाँ TOI की हैं; प्रहार और सकाळ में छपे अधिसूचना के सार में दूरी नहीं दी गई।
नाशिक शहर: पुलिस अधिसूचना के विस्तृत ब्योरे में नया क्या
टाइम्स ऑफ इंडिया की 26 अक्टूबर की ख़बर में शहर पुलिस की अधिसूचना की वह जानकारी है जो कल इस्तेमाल किए गए सकाळ के सार में नहीं थी:
- 30 अक्टूबर का शोभायात्रा मार्ग: तपोवन मैदान, आठवण लॉन्स, टी कॉर्नर, तपोवन क्रॉसिंग, पंचमुखी हनुमान मंदिर, काट्या मारुति चौक, देवी चौक, गणेशवाड़ी, फूल बाज़ार, गाडगे महाराज पुल, दिल्ली दरवाज़ा, नेहरू चौक, धुमाल पॉइंट, मेन रोड, रविवार कारंजा, अहिल्याबाई होलकर पुल, मालेगाँव स्टैंड, रामकुंड।
- कल का मार्ग वाला सवाल इससे सुलझता है। सकाळ का छोटा मार्ग पंचवटी में ही रहता था। TOI की सूची में वह मेन रोड वाला हिस्सा है जो पहले NMC और सामना ने बताया था, और इससे यह भी समझ आता है कि अशोक स्तंभ से रविवार कारंजा और रेड क्रॉस से धुमाल पॉइंट क्यों बंद हैं। TOI के लंबे मार्ग को ही मानें।
- समय (कोई बदलाव नहीं): 30 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से यात्रा ख़त्म होने तक, और 31 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से आधी रात तक।
- 31 अक्टूबर को और बंद: राम सेतु पुल और कल बताई सड़कों के अलावा गाडगे महाराज पुल और गोंधल गेट।
- 31 अक्टूबर को गोदा आरती के लिए प्रवेशबंदी: एकमुखी दत्त मंदिर, गांधी तालाब, यशवंत पटांगण, कपूरथला मैदान, रोकडोबा मैदान घाट, गुरांचा दवाखाना, घारपुरे घाट, सिद्धेश्वर मंदिर, धुमाल पॉइंट, नेहरू चौक और मेन रोड।
- और नो-पार्किंग हिस्से: पहले बताए गए हिस्सों के अलावा काट्या मारुति चौक से इंदाई लॉन्स, खडकाली सिग्नल से शालीमार, और ट्रैक्टर हाउस से अमरधाम रोड।
- छूट: पुलिस, एंबुलेंस, शव वाहन और दमकल।
राष्ट्रपति का मार्ग, और आरती का समय
TOI के अनुसार राष्ट्रपति का काफ़िला ओझर हवाई अड्डे से रामकुंड, फिर त्र्यंबकेश्वर, वापस रामकुंड जाएगा, और फिर वे नई दिल्ली लौटेंगी। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और केंद्र व राज्य के मंत्रियों के काफ़िले भी शहर से गुज़रेंगे। राष्ट्रपति भवन ने अब तक उनका कार्यक्रम जारी नहीं किया है। त्र्यंबक में उनके समय पर पहले की ख़बरें: कुशावर्त की योजना।
गोदा आरती का समय: स्रोतों में फ़र्क़। पुलिस अधिसूचना के TOI वाले ब्योरे में शाम 7 बजे है। Lokmat Times (16 अक्टूबर) और प्रहार ने शाम 6 बजे, और eSakal ने 6:45 बजे बताया था। प्रवेशबंदी सुबह से ही शुरू होगी, इसलिए जल्दी पहुँचें।
रिहर्सल (रिपोर्ट, आपला नाशिक 24): नाशिक हवाई अड्डे से MPA गेस्ट हाउस, रामतीर्थ और कुशावर्त तक पूरी रिहर्सल होगी, और शाम को आरती स्थल पर महाआरती, शंखनाद, रोशनी और ध्वनि व्यवस्था की जाँच होगी। कुंभ आयुक्त शेखर सिंह ने 32 विभागों को निर्देश दिए हैं। ख़बर में रिहर्सल की तारीख़ नहीं है, इसलिए 31 अक्टूबर से पहले इन रास्तों पर थोड़ी देर ट्रैफ़िक रुक सकता है।
क्या करें
- 30 या 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर जा रहे हैं? सामान्य से कम से कम दोगुना समय रखें और निकलने से पहले ईंधन भरवा लें, या किसी और दिन जाएँ। 31 अक्टूबर को मंदिर सिर्फ़ 3,000 पासधारकों के लिए खुला है (पूरी ख़बर)।
- मुंबई या इगतपुरी की ओर से आ रहे हैं: त्र्यंबक जाने वाले पहिने और घोटी मार्ग बंद हैं। नाशिक होकर आने की योजना बनाएँ।
- नाशिक में: पंचवटी की तरफ़ गाड़ी न ले जाएँ। तय पार्किंग पर गाड़ी खड़ी कर पैदल जाएँ (पार्किंग सूची)। शाम की आरती के लिए मेन रोड, नेहरू चौक और धुमाल पॉइंट पर गाड़ी न लाएँ।
पूरा कार्यक्रम, कार्ड और लाइव अपडेट: ध्वजारोहण 2026 हब।

