31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर मंदिर खुला रहेगा, 3,000 पासधारकों को दर्शन; कुशावर्त के काम 25 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश
सकाळ ने 21 अक्टूबर को कलेक्टर आयुष प्रसाद के हवाले से बताया कि सिंहस्थ ध्वजारोहण के दिन, 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर मंदिर खुला रहेगा, लेकिन राष्ट्रपति के संभावित दौरे के कारण सिर्फ़ 3,000 पासधारकों को दर्शन मिलेगा। इससे 30–31 अक्टूबर को मंदिर बंद रहने की चर्चा पर विराम लग गया है। प्रशासन ने कुशावर्त इलाके के 32 काम रविवार, 25 अक्टूबर तक पूरे करने को कहा है, ज़रूरत पड़ी तो रात में भी।
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लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

ध्वजारोहण के दिन त्र्यंबकेश्वर में दर्शन करने की सोच रहे श्रद्धालुओं के लिए अब साफ़ जवाब है। सकाळ ने 21 अक्टूबर की रात ज़िलाधिकारी आयुष प्रसाद के हवाले से बताया कि शनिवार 31 अक्टूबर 2026 को त्र्यंबकेश्वर मंदिर खुला रहेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दूसरे वीआईपी के संभावित दौरे को देखते हुए उस दिन सिर्फ़ 3,000 पासधारकों को दर्शन के लिए अंदर जाने दिया जाएगा। यह कलेक्टर के हवाले से छपी ख़बर है। लिखित आदेश या मंदिर ट्रस्ट की सूचना हमें अभी नहीं मिली है।
यह हमारी पिछली ख़बरों का अपडेट है: पुरोहित संघ और ट्रस्ट का दो महीने की बंदी का विरोध (17 अक्टूबर) और मंदिर बंद करने पर फ़ैसला अभी नहीं (16 अक्टूबर)।
कलेक्टर ने क्या कहा (ख़बरों के मुताबिक)
- चर्चा थी कि सुरक्षा के लिए 30 और 31 अक्टूबर को मंदिर बंद रहेगा। सकाळ के अनुसार कलेक्टर ने इस चर्चा पर विराम लगा दिया है: मंदिर खुला रहेगा।
- राष्ट्रपति के मंदिर परिसर में रहने के दौरान भीड़ न हो, इसलिए दर्शन 3,000 पासधारकों तक सीमित रहेगा।
- आदिवासी समाज को समारोह में शामिल करने की योजना के तहत कुछ पास आदिवासी बंधुओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
- सकाळ यह भी लिखता है कि राष्ट्रपति त्र्यंबकेश्वर आएँगी और त्र्यंबकराज मंदिर में तथा सिंहस्थ ध्वज का पूजन करेंगी। राष्ट्रपति भवन ने उनका कार्यक्रम जारी नहीं किया है, इसलिए इसे अभी रिपोर्ट ही मानें।
पास कैसे मिलेगा, यह अभी घोषित नहीं हुआ है। कोई कार्यालय, वेबसाइट या तारीख़ सामने नहीं आई है। जैसे ही आएगी, हम यहाँ जोड़ देंगे।
ख़बरों में फ़र्क
21 अक्टूबर की सुबह पुढारी ने लिखा था कि सुरक्षा और भीड़ के कारण 30 और 31 अक्टूबर को मंदिर बंद रखने पर प्रशासन "जल्द" फ़ैसला करेगा। उसी दिन बाद में आई सकाळ की ख़बर कहती है कि फ़ैसला मंदिर खुला रखने का है। हम बाद वाली ख़बर को आधार बना रहे हैं, लेकिन जब तक ट्रस्ट या ज़िला प्रशासन की सूचना न आए, निकलने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।
15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक कामों के लिए मंदिर बंद रखने का पुराना प्रस्ताव, जहाँ तक हमें पता है, कभी आदेश में नहीं बदला।
कुशावर्त: 32 काम 25 अक्टूबर तक
पुढारी, प्रहार और सकाळ के अनुसार मंगलवार 20 अक्टूबर को त्र्यंबक नगर परिषद कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कुशावर्त तीर्थ इलाके के काम 25 अक्टूबर तक पूरे करने को कहा:
- कामों को चार हिस्सों में बाँटकर हर हिस्से की अलग कार्ययोजना बनेगी। कंक्रीट, फ़ैब्रिकेशन, वेल्डिंग, रंगाई और सैंडब्लास्टिंग पहले।
- ज़रूरत हो तो रात में भी काम चलेगा। हाइड्रा क्रेन, वेल्डर और तकनीशियन उपलब्ध रहें, आठ-आठ घंटे की पालियाँ लगें।
- पूरे हुए काम चरणों में लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपे जाएँ। कुशावर्त का पानी निकालने के पंप चालू रहें।
- सकाळ के मुताबिक कुल 32 काम हैं, जिनमें सौंदर्यीकरण, कुशावर्त तक जाने वाले रास्ते, बैठने की व्यवस्था और सफ़ाई शामिल है। सबकी समय-सीमा रविवार 25 अक्टूबर है।
- वीआईपी दौरे के लिए हेलिपैड और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल, प्रवेश पास और बैठने की योजना बन रही है। मुख्य सड़कों के गड्ढे भरने, वैकल्पिक मार्ग तय करने और मशीन से सफ़ाई के निर्देश भी हैं (पुढारी)।
नवभारत के अनुसार NTKMA आयुक्त शेखर सिंह ने कुशावर्त और प्रस्तावित हेलिपैड स्थल का निरीक्षण किया, और कलेक्टर ने विभागों से दिनवार कार्ययोजना और रोज़ की प्रगति रिपोर्ट माँगी।
इससे हमारी 21 अक्टूबर की कुशावर्त कामों वाली ख़बर की समय-सीमा और साफ़ होती है, जिसमें सिर्फ़ "31 अक्टूबर से पहले" लिखा था।
आपके लिए इसका मतलब
- 31 अक्टूबर को दर्शन संभव है, पर सिर्फ़ पास के साथ, और पास कुल 3,000 होंगे। पास न हो तो त्र्यंबकेश्वर किसी और दिन जाने की योजना बनाएँ।
- 30–31 अक्टूबर को त्र्यंबक में कड़ी सुरक्षा और रास्तों में बदलाव की उम्मीद रखें। मार्ग अभी घोषित नहीं हुए हैं।
- पूरे दिन का कार्यक्रम हमारे ध्वजारोहण 2026 लाइव हब पर है। त्र्यंबक यात्रा की योजना के लिए त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड देखें।

