31 अक्टूबर, त्र्यंबकेश्वर: रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति दोपहर 2 बजे कुशावर्त पर 12 मिनट का गोदावरी पूजन करेंगी; शंकराचार्य फहराएँगे ध्वज; नाशिक के लिए पास और बैठक व्यवस्था
सरकारनामा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 अक्टूबर को नाशिक के साथ त्र्यंबकेश्वर भी जाएँगी: दोपहर 2 बजे कुशावर्त पर 12 मिनट का गोदावरी पूजन और त्र्यंबकेश्वर मंदिर में 15 मिनट की पूजा, जिसे पुरोहित संघ के अध्यक्ष मनोज थेटे कराएँगे। रिपोर्ट के अनुसार कुशावर्त पर ध्वज शृंगेरी शंकराचार्य फहराएँगे और कुंड पर करीब 100 लोग होंगे, जबकि NTKMA की जानकारी पर आधारित पुढारी की रिपोर्ट में वहाँ राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति बताई गई है। 30 अक्टूबर शाम 4 बजे कुशावर्त से शोभायात्रा निकलेगी। नाशिक में कुंभ आयुक्त शेखर सिंह ने पास, बैठक व्यवस्था और कर्मचारियों के लिए बसों के निर्देश दिए हैं। इनमें से कुछ भी अभी आधिकारिक कार्यक्रम में नहीं है।
यह खबर सुनें
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
4 मिनट में पढ़ें
पहली घोषणा:

हमारी 24 अक्टूबर की रिपोर्ट में राज्यपाल को निमंत्रण और हेलीकॉप्टर उतरने की जगहों की बात थी। उसके बाद स्थानीय अख़बारों ने बताया है कि त्र्यंबकेश्वर में राष्ट्रपति क्या करेंगी और नाशिक में भीड़ को कैसे बैठाया और संभाला जाएगा। यह सब रिपोर्ट है। राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति का कार्यक्रम जारी नहीं किया है, और समय बदल सकता है।
त्र्यंबकेश्वर में राष्ट्रपति (रिपोर्ट)
सरकारनामा (eSakal, 24 अक्टूबर) के अनुसार:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नाशिक और त्र्यंबकेश्वर दोनों समारोहों में जाएँगी।
- करीब दोपहर 2 बजे वे कुशावर्त पर 12 मिनट का गोदावरी पूजन करेंगी, फिर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में 15 मिनट की पूजा।
- पूजा त्र्यंबकेश्वर पुरोहित संघ के अध्यक्ष मनोज थेटे कराएँगे।
- राष्ट्रपति के आने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी ध्वज का पूजन करेंगे।
- कुशावर्त पर ध्वज शृंगेरी शंकराचार्य विधुशेखर भारती फहराएँगे। नवभारत ने 4 सितंबर को भी यही योजना बताई थी।
- कुशावर्त में जगह कम है, इसलिए समारोह में केवल करीब 100 लोग होंगे। अखाड़ों के साधु मुख्यमंत्री और शंकराचार्य की पंक्ति में बैठेंगे। स्थानीय निकाय से केवल नगरसेवकों को पत्नी/पति सहित बुलाया जाएगा।
- कुछ नगरसेवक अपनी जगह से नाराज़ थे। अख़बार के अनुसार जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने ध्वज स्तंभ के पास उनके लिए जगह तय कर दी है।
- थेटे इसे 65 से 70 साल बाद आने वाला "त्रिखंड योग" बताते हैं।
ख़बरों में फ़र्क
- सरकारनामा: कुशावर्त पर ध्वज शंकराचार्य फहराएँगे; राष्ट्रपति दोपहर 2 बजे पूजा के लिए त्र्यंबक आएँगी।
- पुढारी और आपला नाशिक 24 (NTKMA की जानकारी से, 24 अक्टूबर): रामकुंड पर ध्वज राष्ट्रपति फहराएँगी, और कुशावर्त पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे।
दोनों बातें सही हो सकती हैं, क्योंकि 12:02 बजे राष्ट्रपति एक ही जगह हो सकती हैं। राज्यपाल त्र्यंबक जाएँगे या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
उससे पहले त्र्यंबक में (रिपोर्ट)
- कुशावर्त में पानी: कुंड में करीब 9 लाख लीटर पानी आता है। इसे संत निवृत्तिनाथ समाधि मंदिर के सामने वाले गंगासागर तालाब से भरा जाएगा (सरकारनामा)।
- शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 4 बजे: कुशावर्त से त्र्यंबकेश्वर मंदिर होते हुए नगर परिषद कार्यालय तक शोभायात्रा, जिसमें जनजातीय समाज और सभी धर्मों के लोग होंगे (सरकारनामा)।
- साधुओं का आगमन: नवभारत (25 अक्टूबर) के अनुसार अखाड़ों में संत पहुँचने लगे हैं। आवाहन अखाड़े के महंत सत्यगिरि महाराज शनिवार शाम पहुँचने वाले थे। तेली गली में बड़ा मंडप बन रहा है।
- सुरक्षा का ध्यान कुशावर्त, तेली गली मार्ग, मेन रोड और मंदिर परिसर पर है (नवभारत)।
- बंदर: वन विभाग ने शुक्रवार 23 अक्टूबर को कुशावर्त के पास 18 से 20 बंदरों के झुंड में से 12 बंदर पकड़े, वन परिक्षेत्र अधिकारी शेखर देवकर की देखरेख में। इन्हें पास के अभयारण्य में छोड़ा जाएगा (नवभारत)।
- मंदिर क्षेत्र की सड़कें: टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने सड़कों की मरम्मत, चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण को मंज़ूरी दी है। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि बाकी तीन प्रस्तावों (शौचालय सहित प्रतीक्षालय, ढके रास्ते और विधि भवन) को तकनीकी दस्तावेज़ जमा होने पर अंतिम मंज़ूरी मिलेगी।
नाशिक: पास, बैठक और बसें (रिपोर्ट)
प्रहार के अनुसार 24 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में कुंभ आयुक्त शेखर सिंह ने ये निर्देश दिए:
- गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, संस्थाओं और मीडिया के लिए पास।
- श्रेणी के अनुसार बैठक, और मुख्य मंच के सामने की जगह खाली रखना।
- कर्मचारियों को लाने के लिए प्रमुख सरकारी दफ़्तरों से समूह बसें।
- पार्किंग, ड्रॉप पॉइंट, प्रवेश द्वार और रास्तों के नक्शे, साथ में संकेत बोर्ड और छोटे एनिमेटेड गाइड वीडियो।
- रामकुंड पर शाम की गोदा आरती के लिए अलग भीड़ योजना।
- पूरे समय आपातकालीन रास्ते खुले रखना।
पास व्यवस्था और नक्शे अभी जारी नहीं हुए हैं। 24 अक्टूबर तक पुलिस ने 31 अक्टूबर की ट्रैफ़िक सूचना जारी नहीं की थी।
आपके लिए इसका मतलब
- 12:02 बजे कुशावर्त पर रहना चाहते हैं तो बहुत कम जगह मिलेगी। कुंड क्षेत्र करीब 100 आमंत्रितों के लिए रखा जा रहा है। आसपास की गलियों और घाटों से देखें और पुलिस के निर्देश मानें।
- अगर राष्ट्रपति की दोपहर 2 बजे की यात्रा होती है, तो त्र्यंबक में दोपहर से तीसरे पहर तक सुरक्षा और बंदी की उम्मीद रखें।
- 30 अक्टूबर शाम की त्र्यंबक शोभायात्रा 31 अक्टूबर की पाबंदियों के बिना सिंहस्थ की शुरुआत देखने का अच्छा मौका है।
कार्यक्रम, पार्किंग और लाइव अपडेट: ध्वजारोहण 2026 हब। मंदिर का समय और पास: 31 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर मंदिर।


