नाशिक के शंखनाद ने बनाया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड: ज़्यादातर ख़बरों में 517 शंखवादक (कुछ में 501), अमेरिका का 303 का रिकॉर्ड टूटा; प्रमाणपत्र 31 अक्टूबर को

रविवार शाम, 25 अक्टूबर को नाशिक में गोदावरी किनारे हुए शंखनाद ने नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। गिनीज़ के निर्णायक ने यशवंत महाराज (देवमामलेदार) पटांगण पर ही रिकॉर्ड की घोषणा की; 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में 303 लोगों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया (PTI, टाइम्स ऑफ इंडिया)। PTI, TOI, FPJ, सामना और ETV भारत के अनुसार 517 प्रतिभागी थे; UNI, साम टीवी और कुछ मराठी माध्यम 501 बताते हैं, जो लक्ष्य का आँकड़ा था। PTI ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि प्रमाणपत्र 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण पर सौंपा जाएगा, और उसी दिन दोपहर 12:02 बजे इन्हीं में से 251 शंखवादक शंखनाद करेंगे।

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लेखक: The Nashik Kumbh Desk

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मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Evening at Ramkund, Nashik, with lights reflected in the Godavari river
Evening at Ramkund on the Godavari, Nashik (May 2025).Photo: “Ramkund Nashik.jpg” by Anup Moray, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

रविवार 25 अक्टूबर 2026 (कोजागिरी पूर्णिमा) का शंखनाद सफल रहा। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ने नाशिक में गोदावरी किनारे मौके पर ही नए विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की। यह हमारी कल सुबह की समय-सारिणी वाली ख़बर और शंखनाद गाइड का अगला अपडेट है।

क्या हुआ (पुष्ट: गिनीज़ निर्णायक की घोषणा, PTI और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार)

  • कहाँ: यशवंत महाराज पटांगण (देवमामलेदार मैदान), रामकुंड के पास, नाशिक।
  • नतीजा: PTI के अनुसार गिनीज़ निर्णायक ने कहा, "बधाई हो! आपने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।" जवाब में भीड़ ने "भारत माता की जय" के नारे लगाए।
  • कौन सा रिकॉर्ड टूटा: 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में 303 लोगों का एक साथ शंखनाद (PTI)।
  • जाँच कैसे हुई: रिकॉर्ड घोषित करने से पहले दो पर्यवेक्षकों ने पंजीकरण, वास्तविक भागीदारी और नियमों के पालन की जाँच की (टाइम्स ऑफ इंडिया)।
  • आयोजक: नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) और गुणगौरव न्यास का अनंत विजय शंखनाद पथक। टाइम्स ऑफ इंडिया नाशिक महानगरपालिका (NMC) का नाम भी देता है।

गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की वेबसाइट पर यह रिकॉर्ड हमें अभी नहीं दिखा है।

ब्योरा, ख़बरों के अनुसार

  • शंखनाद करीब साढ़े पाँच मिनट चला (PTI, साम टीवी)।
  • शंख चेन्नई से मँगाए गए प्रमाणित शंख थे (PTI, साम टीवी), और इसके लिए एक ख़ास धुन बनाई गई थी (साम टीवी)।
  • शंखवादक 12 से 82 साल के थे: बच्चे, महिलाएँ, युवा और बुज़ुर्ग (सामना)। इन्होंने करीब दो महीने अभ्यास किया था (साम टीवी, सामना)।
  • मौजूद: कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, महापौर हिमगौरी आहेर, संभागीय आयुक्त और प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम, कुंभ आयुक्त शेखर सिंह, NMC आयुक्त मनीषा खत्री और कलेक्टर आयुष प्रसाद (टाइम्स ऑफ इंडिया, FPJ)।

ख़बरों में फ़र्क

  • कितने शंखवादक: PTI, टाइम्स ऑफ इंडिया, FPJ, सामना और ETV भारत में 517। UNI, साम टीवी और LetsUpp में 501। 501 कार्यक्रम से पहले घोषित लक्ष्य था। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार "500 से ज़्यादा" लोगों ने पंजीकरण किया था। प्रमाणपत्र पर कौन सी संख्या है, यह अभी सामने नहीं आया।
  • निर्णायक का नाम: PTI ने ऋषि नाथ, वरिष्ठ निर्णायक, लिखा है। टाइम्स ऑफ इंडिया, FPJ और सामना ने ऋषिकेश नाग लिखा है।
  • अवधि: करीब 5.5 मिनट (PTI, साम टीवी); पाँच मिनट (सामना)। साम टीवी के अनुसार अमेरिका का रिकॉर्ड साढ़े तीन मिनट का था।
  • जाँच दल: साम टीवी और LetsUpp के अनुसार गिनीज़ का 12 सदस्यों का दल मौजूद था; टाइम्स ऑफ इंडिया दो पर्यवेक्षकों की बात करता है जिन्होंने जाँच की। दोनों बातें सही हो सकती हैं।

आगे क्या (रिपोर्ट)

  • प्रमाणपत्र: PTI ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि गिनीज़ प्रमाणपत्र 31 अक्टूबर को रामकुंड पर ध्वजारोहण के समय सौंपा जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है।
  • 31 अक्टूबर दोपहर 12:02 पर 251 शंख: PTI, ETV भारत और LetsUpp ने फिर बताया है कि इन्हीं में से 251 शंखवादक ध्वजारोहण के क्षण शंखनाद करेंगे।
  • दूसरा रिकॉर्ड प्रयास: 31 अक्टूबर की शाम करीब 6,500 जनजातीय प्रतिभागियों के साथ महा गोदा आरती। गिरीश महाजन ने ETV भारत से कहा कि यह शाम 6 बजे होगी।

गिरीश महाजन ने क्या कहा

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड सिर्फ़ नाशिक या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला सिर्फ़ सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों या पुलिस का आयोजन नहीं, बल्कि हर नाशिककर का उत्सव है। उन्होंने लोगों से श्रद्धालुओं का स्वागत घर आए मेहमानों की तरह करने की अपील की।

ETV भारत के अनुसार उन्होंने कहा कि इस बार 12 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालु आने का अनुमान है, जबकि 2015 में करीब 3.5 करोड़ आए थे, और कामों के लिए करीब ₹35,000 करोड़ मिले हैं, जबकि पिछली बार करीब ₹3,000 करोड़ मिले थे। ये उनके अनुमान हैं, आधिकारिक गिनती नहीं।

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