NMC स्थायी समिति ने तपोवन साधुग्राम के लिए करीब ₹3.29 करोड़ मंज़ूर किए: अखाड़ों के लिए अंदरूनी सड़कें, पानी, निकासी, बिजली और मंडप

नवभारत ने 28 अक्टूबर को बताया कि नाशिक महानगरपालिका की स्थायी समिति ने तपोवन साधुग्राम में बुनियादी सुविधाओं के लिए करीब ₹3.29 करोड़ के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। इसमें दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी अखाड़ों के साधु-महंतों के लिए अंदरूनी सड़कें, जलापूर्ति, जल निकासी, बिजली और मंडप शामिल हैं। पाँच पात्र निविदाओं में सबसे कम दर मेसर्स संजय वासुदेव गडाख की रही, जिसके अनुसार निर्माण लागत ₹3,22,98,017 है और वास्तुकार शुल्क की सीमा ₹5,97,751।

यह खबर सुनें

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

1 मिनट में पढ़ें

मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Crowds of devotees at the Godavari ghats in Nashik during the Kumbh
Devotees at the Godavari ghats, Nashik; titled 'Kumbh at Godavari Nasik' (September 2015).Photo: “Kumbh at Godavari Nasik.jpg” by Abhishek K Saxena, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नाशिक महानगरपालिका (NMC) ने तपोवन साधुग्राम के भीतर सुविधाओं को मंज़ूरी दी है, जहाँ सिंहस्थ के दौरान अखाड़े डेरा डालेंगे। रिपोर्ट: यह जानकारी नवभारत (28 अक्टूबर) से है। स्थायी समिति का प्रस्ताव हमने खुद नहीं देखा है।

क्या मंज़ूर हुआ

  • राशि: करीब ₹3.29 करोड़, NMC की स्थायी समिति से मंज़ूर।
  • काम: तपोवन के साधुग्राम में अंदरूनी सड़कें, जलापूर्ति, जल निकासी, बिजली और मंडप।
  • किसके लिए: वहाँ ठहरने वाले दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी अखाड़ों के साधु, महंत और खालसे।
  • निविदा: NMC के निर्माण विभाग ने ऑनलाइन निविदा निकाली थी। सात निविदाएँ आईं, जिनमें पाँच पात्र पाई गईं। सबसे कम दर मेसर्स संजय वासुदेव गडाख की रही, जिसके अनुसार निर्माण लागत ₹3,22,98,017 है और वास्तुकार शुल्क की सीमा ₹5,97,751।

रिपोर्ट में काम पूरा होने की कोई तारीख़ नहीं दी गई।

पृष्ठभूमि

इसका मतलब

  • श्रद्धालुओं के लिए अभी कुछ नहीं बदलता। यह अखाड़ों के डेरों के बारे में है, आम सुविधाओं के बारे में नहीं।
  • कुल कुंभ बजट के सामने यह छोटी राशि है। अहम यह है कि कार्यादेश कितनी जल्दी निकलता है, क्योंकि अगस्त और सितंबर 2027 की अमृत स्नान तिथियों से पहले अखाड़ों को ये डेरे तैयार चाहिए।