एनजीटी की रोक बरकरार, तपोवन साधुग्राम बिना पेड़ काटे बनाएगी नाशिक मनपा

मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने 15 अक्टूबर को कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की पेड़ कटाई पर रोक बरकरार है, इसलिए तपोवन का साधुग्राम बिना पेड़ काटे विकसित किया जाएगा। मौजूदा पेड़ों को बचाते हुए नक्शे में बदलाव होगा। NGT में अगली सुनवाई दिसंबर की शुरुआत में है।

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

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मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Crowds of devotees at the Godavari ghats in Nashik during the Kumbh
Devotees at the Godavari ghats, Nashik; titled 'Kumbh at Godavari Nasik' (September 2015).Photo: “Kumbh at Godavari Nasik.jpg” by Abhishek K Saxena, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नाशिक महानगरपालिका (NMC) तपोवन का साधुग्राम बिना पेड़ काटे विकसित करेगी। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने यह बात कही, जिसे टाइम्स ऑफ इंडिया ने 15 अक्टूबर 2026 को छापा। साधुग्राम वह इलाका है जहाँ कुंभ के दौरान साधु-संत और अखाड़े ठहरते हैं।

खत्री ने TOI से कहा कि NGT की पेड़ कटाई पर रोक जारी है, इसलिए साधुग्राम बिना पेड़ काटे बनाया जाएगा। अगर रोक नहीं हटती तो मौजूदा सीमाओं में ही काम होगा, और मनपा अदालत के निर्देशों का पूरा पालन करेगी।

यह क्यों अहम है

  • TOI के अनुसार मनपा ने पहले तपोवन में करीब 1,700 पेड़ काटने का प्रस्ताव रखा था। इस पर लगभग 600 आपत्तियाँ आईं और नवंबर 2025 में जनसुनवाई हुई।
  • पुणे के वकील श्रीराम पिंगले ने NGT की पश्चिमी पीठ (पुणे) में इस योजना को चुनौती दी। 12 दिसंबर 2025 को अधिकरण ने तपोवन में पेड़ कटाई पर रोक लगा दी, जो अब भी लागू है।
  • मनपा अब मुकदमे के फैसले का इंतज़ार नहीं करेगी। पेड़ों को बचाते हुए नक्शा और सुविधाओं की योजना बदली जाएगी।
  • नवभारत लाइव के मुताबिक मनपा उपलब्ध खुली ज़मीन के इस्तेमाल का नया प्रस्ताव लिखित रूप में NGT को देगी।

अभी क्या साफ नहीं है

  • मनपा ने नया नक्शा जारी नहीं किया है। लागत, क्षमता या समयसीमा पर असर के बारे में भी कुछ नहीं बताया है।
  • पहले की योजना साधुग्राम को करीब 1,400 एकड़ तक बढ़ाने की थी, जिसमें नांदूर और मानूर के आसपास किसानों से ज़मीन किराये पर ली जानी है। देखें: साधुग्राम भूमि अधिग्रहण धीमा।

आँकड़े जो मेल नहीं खाते

  • पेड़ों की संख्या: TOI के अनुसार कटाई का प्रस्ताव करीब 1,700 पेड़ों का था। नवभारत लाइव की हेडलाइन तपोवन के करीब 17 हज़ार पेड़ों को राहत की बात करती है, जो शायद पूरे इलाके के पेड़ों की संख्या है, कटाई के लिए चिह्नित पेड़ों की नहीं। कटाई प्रस्ताव के लिए हम TOI का 1,700 का आँकड़ा ले रहे हैं।
  • सुनवाई की तारीख: TOI के अनुसार अगली सुनवाई दिसंबर के पहले हफ्ते में है, नवभारत लाइव ने 9 दिसंबर बताया है। सटीक तारीख को अभी रिपोर्टेड मानें।

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