तपोवन साधुग्राम के लिए 191 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण शुरू: मनपा की सूचना, आपत्तियों के लिए 15 दिन
टाइम्स ऑफ इंडिया ने 20 अक्टूबर को बताया कि नाशिक महानगरपालिका ने तपोवन में साधुग्राम के लिए आरक्षित 191.2 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जारी सूचना में ज़मीन पर दावा रखने वालों से 15 दिन के भीतर दस्तावेज़ों सहित आपत्तियाँ माँगी गई हैं। आयुक्त मनीषा खत्री के मुताबिक अभी ज़मीन की नपाई चल रही है, उसके बाद मालिकों से मुआवज़े पर बातचीत होगी।
यह खबर सुनें
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
2 मिनट में पढ़ें
पहली घोषणा:

9 अक्टूबर की हमारी खबर का अपडेट: साधुग्राम भूमि अधिग्रहण धीमा, कुंभ प्राधिकरण चिंतित। उस खबर में कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) ने मनपा से साधुग्राम की ज़मीन का काम तेज़ करने को कहा था। अब आरक्षित ज़मीन के औपचारिक अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने 20 अक्टूबर 2026 को खबर दी कि नाशिक महानगरपालिका (NMC) ने तपोवन में साधुग्राम के लिए आरक्षित 191.2 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साधुग्राम वह अस्थायी बस्ती है जहाँ कुंभ के दौरान साधु-संत, अखाड़े, खालसे और धार्मिक संस्थाएँ ठहरती हैं। प्रक्रिया शुरू होने की बात पक्की है, क्योंकि मनपा आयुक्त मनीषा खत्री का बयान दर्ज है। सूचना हमने खुद नहीं देखी है, इसलिए उसका ब्योरा नीचे समाचार के आधार पर दिया गया है।
सूचना में क्या कहा गया है
- मनपा ने जाहीर सूचना जारी कर आपत्तियाँ माँगी हैं। इसमें ज़मीन मालिक, कब्ज़ेदार, पट्टेदार, गिरवी रखने वाले, कानूनी वारिस और इन भूखंडों से जुड़े अदालती विवादों के पक्षकार, सभी शामिल हैं।
- आपत्तियाँ 15 दिन के भीतर, सबूत के दस्तावेज़ों के साथ देनी हैं। TOI ने सूचना की तारीख या आखिरी तारीख नहीं बताई है, इसलिए किसी समय-सीमा पर भरोसा करने से पहले मनपा से सूचना की पुष्टि कर लें।
- यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हाल की कुंभ कार्यों की समीक्षा के बाद उठा है, जिसमें उन्होंने भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढाँचे का काम तेज़ करने के निर्देश दिए थे।
आगे क्या होगा
- मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि अभी 191 एकड़ ज़मीन की नपाई चल रही है, और यह पूरी होते ही मुआवज़े की रकम तय करने के लिए ज़मीन मालिकों से बातचीत शुरू होगी।
- मनपा के एक अधिकारी ने TOI को बताया कि राज्य सरकार ने 5 जून को कुंभ परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक खर्च के लिए ₹2,267 करोड़ मंज़ूर किए, उसके बाद से इस काम ने रफ़्तार पकड़ी है।
बड़ी योजना और अदालत में चुनौती
- प्रशासन साधुग्राम को विकास योजना में आरक्षित 337 एकड़ से बढ़ाकर करीब 1,380 एकड़ करना चाहता है, प्रयागराज कुंभ की तर्ज़ पर। अतिरिक्त ज़मीन किसानों से पट्टे पर ली जाएगी।
- कुछ ज़मीन मालिकों ने इस पट्टा मॉडल को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि साधुग्राम के लिए पहले से आरक्षित ज़मीन का अधिग्रहण तय समय पर चलता रहेगा।
- तपोवन में पेड़ कटाई का मुद्दा अलग है। देखें: NGT की रोक बरकरार, साधुग्राम बिना पेड़ काटे बनेगा।
आँकड़े जो मेल नहीं खाते
9 अक्टूबर की हमारी खबर भी TOI पर आधारित थी, पर उसमें आँकड़े थोड़े अलग थे:
- आरक्षित क्षेत्र: तब करीब 350 एकड़, अब 337 एकड़।
- लक्ष्य: तब करीब 1,400 एकड़, अब करीब 1,380 एकड़।
- राज्य की मंज़ूरी: तब करीब ₹2,200 करोड़, अब ₹2,267 करोड़ (5 जून को मंज़ूर)।
नए आँकड़े ज़्यादा सटीक हैं, लेकिन अंतिम आँकड़ों वाला कोई सरकारी दस्तावेज़ अभी प्रकाशित नहीं हुआ है।
संबंधित: सिंहस्थ 2027 के लिए निजी टेंट सिटी के नियम, कुंभ स्थिति बोर्ड, नागा साधु और अखाड़े।

