कुंभ से पहले गोदावरी प्रदूषण कैसे रुकेगा, हाईकोर्ट ने नाशिक महानगरपालिका से दो हफ़्ते में ब्योरा माँगा
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने 21 अक्टूबर को बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाशिक मनपा आयुक्त से दो हफ़्ते में यह रिकॉर्ड पर रखने को कहा है कि गोदावरी में प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे। यह आदेश 13 अक्टूबर को पर्यावरणविद राजेश पंडित की अवमानना याचिका पर आया। MIDC को अंबड और सातपुर के साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्र पर निर्देश लेने का समय मिला है। अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को है।
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लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

2027 का सिंहस्थ नज़दीक आते ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाशिक मनपा आयुक्त से कहा है कि शहर से बहती गोदावरी में प्रदूषण रोकने के लिए नाशिक महानगरपालिका (NMC) क्या कदम उठाएगी, यह दो हफ़्ते के भीतर रिकॉर्ड पर रखें। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने यह ख़बर 21 अक्टूबर 2026 को दी। यह TOI की रिपोर्ट है। अदालत का लिखित आदेश हमने नहीं देखा है।
यह हमारी पिछली ख़बर का अगला हिस्सा है: हाईकोर्ट के प्रदूषण मामले के लिए गोदावरी के पानी के नमूने (7 अक्टूबर)।
अदालत ने क्या कहा
- न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और कमल खाता की खंडपीठ ने 13 अक्टूबर को सुनवाई की। उसने NMC प्रशासन से नदी में आने वाले हर तरह के प्रदूषण को रोकने के कदमों का ब्योरा माँगा।
- महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) को अंबड और सातपुर औद्योगिक क्षेत्रों के लिए साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्र (CETP) लगाने पर निर्देश लेने का समय दिया गया।
- अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को है, जब अदालत NMC और MIDC के जवाब देखेगी।
मामला क्या है
यह पर्यावरणविद राजेश पंडित की मई 2025 में दायर अवमानना याचिका है। उनका कहना है कि 2012 में दायर और 2018 में निपटाई गई गोदावरी प्रदूषण जनहित याचिका के आदेशों का पालन नहीं हुआ। वे कुंभ से पहले सीवेज शोधन, प्रदूषण नियंत्रण और नदी संरक्षण का समयबद्ध काम चाहते हैं: पुराने सीवेज शोधन संयंत्रों का उन्नयन, पूरा सीवेज इकट्ठा करना, नदी की ब्लू लाइन के अतिक्रमण हटाना और अंबड MIDC में CETP बनाना। पंडित ने TOI से कहा, "अवमानना याचिका दायर होने के बाद ही काम ने रफ़्तार पकड़ी।"
जो अभी पता नहीं
- 5 अक्टूबर को लिए गए पानी के नमूनों के नतीजे, जो अदालत में जाने थे, अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। TOI की ख़बर में उनका ज़िक्र नहीं है।
- NMC जो योजना दाखिल करेगी, वह अभी सामने नहीं आई है।
श्रद्धालुओं के लिए क्यों अहम
अगस्त और सितंबर 2027 के तीन अमृत स्नान में करोड़ों लोग रामकुंड और घाटों पर गोदावरी में उतरेंगे। नदी नहाने लायक साफ़ होगी या नहीं, यह उन्हीं सीवेज और औद्योगिक कचरे के कामों पर निर्भर है जिन पर यह मामला ज़ोर दे रहा है। पृष्ठभूमि: गोदावरी पुनरुद्धार और नए STP और अंबड MIDC के पास नंदिनी नदी में हेक्सावेलेंट क्रोमियम। 27 अक्टूबर की सुनवाई के बाद हम यह ख़बर अपडेट करेंगे।


