
गोदावरी सफ़ाई: चार नए सीवेज प्लांट, मई 2027 तक नहाने लायक पानी का लक्ष्य
लेखक: The Nashik Kumbh Deskमूल घोषणा की तिथि:
नाशिक की ₹1,600 करोड़ की गोदावरी पुनर्जीवन परियोजना में चार नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 400 किमी नई सीवर लाइनें शामिल हैं। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री के अनुसार मई 2027 तक नदी का पानी नहाने लायक हो जाएगा, यानी पहले अमृत स्नान से पहले।
श्रद्धालुओं के लिए गोदावरी के बारे में सबसे बड़ा सवाल यह है: क्या पानी नहाने लायक साफ़ होगा? नाशिक महानगरपालिका (NMC) का कहना है कि हाँ, मई 2027 तक।
NMC आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा है कि मई 2027 तक नदी का पानी नहाने लायक गुणवत्ता तक पहुँच जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 5 सितंबर 2026 को यह खबर दी। यह 2 अगस्त 2027 के पहले अमृत स्नान से लगभग तीन महीने पहले है। NTKMA योजना के अनुसार 15 जून से 30 सितंबर 2027 तक "मुख्य मेला अवधि" है, यह लक्ष्य उससे कुछ हफ्ते पहले का है।
₹1,600 करोड़ की योजना
यह काम ₹1,600 करोड़ की नदी पुनर्जीवन परियोजना का हिस्सा है। मकसद यह है कि गंदा पानी नदी में न जाए और पहले उसका शोधन हो।
चार नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बन रहे हैं:
- तपोवन: 180 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन)
- आगरटाकली: 97 MLD
- चेहेडी: 64 MLD
- पंचक: 75 MLD
इनके बनने से शहर की शोधन क्षमता 342 MLD से बढ़कर 486 MLD हो जाएगी।
काम कहाँ तक पहुँचा
- STP का लगभग 60% काम पूरा हो चुका है। प्लांट मार्च 2027 तक पूरे होने हैं।
- लगभग 400 किमी नई सीवर लाइनें बिछनी हैं। इनमें से लगभग 30% काम हुआ है।
- नदी में गिरने वाले 29 नालों को रोका जा रहा है, ताकि उनका गंदा पानी प्लांट तक जाए।
सीवर लाइनों का काम धीमा है। लगभग 30% काम होने का मतलब है कि बड़ा हिस्सा अभी आने वाले महीनों में बिछना बाकी है।
कुंभ के लिए ज़्यादा पानी
साफ़ नदी के लिए पर्याप्त पानी भी चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट किया कि NMC 15 अक्टूबर 2026 से 31 जुलाई 2027 तक के लिए लगभग 7,800 mcft पानी आरक्षित करने की माँग कर सकती है। पहले यह 6,400 mcft था। यह प्रस्ताव NMC के अधीक्षक अभियंता रवींद्र धारणकर ने रखा है। रिपोर्ट के अनुसार कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन की अध्यक्षता वाली ज़िला जल समिति इस महीने के अंत में फैसला करेगी। यह अभी प्रस्ताव है, मंज़ूरी नहीं मिली है।
इसी रिपोर्ट के अनुसार NMC को उम्मीद है कि साधु जुलाई 2027 से तपोवन साधुग्राम में पहुँचने लगेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए इसका मतलब
नहाने लायक पानी का वादा अभी एक लक्ष्य है, नतीजा नहीं। प्लांट लगभग 60% और सीवर लाइनें लगभग 30% बनी हैं। NMC या NTKMA से नए आँकड़े या पानी की जाँच के नतीजे आने पर हम बताएँगे।
रामकुंड पर भी काम अभी जारी है। 5 अक्टूबर 2026 को NTKMA ने NMC से कहा कि 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण से पहले वहाँ के अधूरे सीवरेज और बरसाती पानी निकासी के काम तेज़ किए जाएँ।
नदी किनारे नए घाट भी बन रहे हैं। NTKMA के अनुसार नाशिक (जिसे नासिक भी लिखा जाता है) में 10 और त्र्यंबकेश्वर में 2 नए घाट मार्च 2027 तक बनेंगे। इन्हें हमारे घाट पेज पर देखें।
मुख्य स्नान की तिथियाँ तय हैं: 2 अगस्त, 31 अगस्त, और 11 व 12 सितंबर 2027। पूरी सूची कुंभ तिथि पेज पर देखें और ठहरने व यात्रा की योजना के लिए हमारी यात्री गाइड पढ़ें।