सिंहस्थ 2027 में श्रद्धालु भटकें नहीं, इसके लिए रंगों वाले दिशा-संकेत और सेक्टर व्यवस्था की योजना
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक 2027 कुंभ के लिए नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के सभी दिशा-संकेत बोर्ड रंगों के कोड पर होंगे, ताकि श्रद्धालु प्रवेश से निकास तक एक ही रंग के पीछे चलकर अपनी गाड़ी तक लौट सकें। पूरा कुंभ क्षेत्र सेक्टरों में बँटेगा और मुख्य स्नान के दिनों में एक सेक्टर से दूसरे में जाने पर रोक लग सकती है। यह योजना 17 अक्टूबर को पालक सचिव एकनाथ डवले की समीक्षा बैठक में आई; रंग अभी तय नहीं हुए हैं।
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

2027 के सिंहस्थ में श्रद्धालु सिर्फ़ एक रंग के पीछे चलकर रास्ता ढूँढ सकेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 18 अक्टूबर 2026 को बताया कि कुंभ मेला प्राधिकरण ने नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के सभी दिशा-संकेत बोर्डों पर रंगों वाली मार्गदर्शन व्यवस्था लागू करने का फ़ैसला किया है। समीक्षा बैठक आधिकारिक है। रंग-योजना का ब्योरा TOI ने प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दिया है, जिनका नाम नहीं छपा, इसलिए इसे मीडिया रिपोर्ट मानें। रंग अभी तय नहीं हुए हैं।
व्यवस्था कैसे काम करेगी
- कुंभ क्षेत्र के मुख्य मार्गों, ट्रांज़िट पॉइंट और सेक्टरों को अलग-अलग रंग दिए जाएँगे। श्रद्धालु प्रवेश से निकास तक एक ही रंग के पीछे चलेंगे, जिससे अपनी गाड़ी या तय जगह तक लौटना आसान होगा।
- यह सीख प्रयागराज कुंभ से मिली है। अधिकारी ने TOI को बताया कि वहाँ बहुत से श्रद्धालु मंज़िल वाले बोर्ड देखते-देखते अपना रास्ता भूल गए और पार्किंग से बहुत दूर निकले।
- पूरा कुंभ क्षेत्र सेक्टरों में बाँटा जाएगा। मुख्य स्नान के दिनों, खासकर पर्व स्नान पर, श्रद्धालुओं को एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में जाने की अनुमति शायद न मिले।
- राष्ट्रीय राजमार्ग, शहर की सड़कें, पर्यटन स्थल, बस स्टेशन और दूसरे ट्रांज़िट केंद्रों पर भी सेक्टर और ज़िलों से जुड़े रंगीन संकेत होंगे।
- सभी बोर्ड इंडियन रोड्स कांग्रेस के दिशानिर्देशों के अनुसार बनेंगे।
- सभी पक्षों से बात करके रंग-क्षेत्र तय किए जाएँगे।
- यह मॉडल 2015 के नाशिक कुंभ में रेलवे की रंगों वाली व्यवस्था से प्रेरित है, जिससे श्रद्धालुओं को स्टेशन तक लौटने में मदद मिली थी।
किस बैठक में फ़ैसला हुआ
पुढारी और फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार यह फ़ैसला शनिवार, 17 अक्टूबर को NTKMA कार्यालय में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और नाशिक के पालक सचिव एकनाथ डवले की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हुआ। बैठक में NTKMA आयुक्त शेखर सिंह, नगर आयुक्त मनीषा खत्री, ज़िलाधिकारी आयुष प्रसाद, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, नाशिक परिक्षेत्र के IG संजय येनपुरे और SP डी.एस. स्वामी के साथ PWD, जल संसाधन, वन, बिजली पारेषण और राज्य परिवहन निगम (MSRTC) के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में इन बातों की समीक्षा हुई:
- नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में प्रस्तावित पार्किंग स्थल, वाहन क्षमता, आने-जाने के रास्ते और यातायात प्रबंधन;
- दिशा-संकेत बोर्ड कहाँ लगें और कैसे दिखें;
- घाटों के काम, पहुँच मार्ग, भीड़ की आवाजाही, सुरक्षा और रोशनी;
- साधुग्राम का नक्शा, उपलब्ध ज़मीन, अंदरूनी सड़कें, और साधु-महंतों के लिए पानी, सफ़ाई और बिजली।
डवले ने विभागों से कहा कि लंबित मंज़ूरियाँ और तकनीकी अड़चनें समय पर दूर करें और काम की स्थिति व समय-सारिणी अपडेट रखें, ताकि तालमेल की कमी से फ़ैसले न अटकें।
आपके लिए इसका मतलब
फ़िलहाल यात्रियों के लिए कुछ नहीं बदला है: रंग, सेक्टर का नक्शा और आवाजाही के नियम बाद में आएँगे। जारी होते ही हम उन्हें अपने यात्रा प्लानर और कुंभ नक्शे में जोड़ देंगे।
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