ध्वजारोहण से पहले दो विश्व रिकॉर्ड की कोशिश: 25 अक्टूबर को 501 शंखों का नाद, 31 अक्टूबर को 6,500 जनजातीय बंधुओं की महा गोदा आरती
कुंभ मेला प्राधिकरण ध्वजारोहण के आसपास दो विश्व रिकॉर्ड की कोशिश करने जा रहा है। कोजागिरी पूर्णिमा, 25 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे देवमामलेदार मैदान के पास 501 लोग एक साथ शंख बजाएँगे। 31 अक्टूबर की शाम रामकुंड पर होने वाली महा गोदा आरती में नाशिक ज़िले के 650 जनजातीय गाँवों से करीब 6,500 लोग शामिल होंगे।
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
3 मिनट में पढ़ें
पहली घोषणा:

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) सिंहस्थ ध्वजारोहण के मौके पर दो विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेगा। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को NTKMA आयुक्त शेखर सिंह और नगर आयुक्त मनीषा खत्री ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसकी जानकारी दी। उसी दिन ज़िला सूचना कार्यालय, नाशिक ने भी बताया कि दो विश्व रिकॉर्ड की योजना है। दोनों कार्यक्रम आधिकारिक रूप से घोषित हैं। रिकॉर्ड बनेगा या नहीं, यह रिकॉर्ड संस्था की जाँच के बाद ही तय होगा।
25 अक्टूबर: एक साथ 501 शंख
- कोजागिरी पूर्णिमा, रविवार 25 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे नाशिक में गोदावरी किनारे देवमामलेदार मैदान (पटांगण) के पास 501 लोग एक साथ शंख बजाएँगे।
- लक्ष्य 303 लोगों का मौजूदा रिकॉर्ड तोड़ना है, जो आयोजकों के मुताबिक अमेरिका में बना था।
- शंख बजाने वालों में स्थानीय संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य होंगे। शंख चेन्नई से मँगाए जा रहे हैं।
- 12 अक्टूबर को NTKMA ने कहा था कि गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स शंखनाद को दर्ज करेगा और प्रमाणपत्र ध्वजारोहण के दिन दिया जाएगा। 18 अक्टूबर की ख़बरों में सिर्फ़ "विश्व रिकॉर्ड" लिखा है, संस्था का नाम दोबारा नहीं आया। देखें: हमारी पिछली रिपोर्ट।
31 अक्टूबर की शाम: 6,500 जनजातीय बंधुओं की महा गोदा आरती
- ध्वजारोहण वाले दिन शाम को रामकुंड पर महा गोदा आरती होगी। प्रेस कॉन्फ़्रेंस की रिपोर्ट में प्रहार ने समय शाम 6 बजे बताया है।
- इसमें जनजातीय समाज के करीब 6,500 लोग शामिल होंगे: नाशिक ज़िले के 650 गाँवों से 10-10 लोग, हर गाँव से छह पुरुष और चार महिलाएँ। गाँव निफाड, त्र्यंबकेश्वर, दिंडोरी, सुरगाणा और हरसूल समेत कई इलाकों से होंगे।
- ज़िला सूचना कार्यालय ने इसे दूसरा विश्व रिकॉर्ड प्रयास बताया है।
- मकसद है गोदावरी, स्थानीय नदियों, नालों, तालाबों और पारंपरिक जलस्रोतों को बचाने का संदेश घर-घर पहुँचाना। रामकुंड की आरती के बाद इन 650 गाँवों में भी आरती होगी।
- प्रतिभागियों के भोजन और कपड़े बदलने की व्यवस्था KTHM कॉलेज में करने की योजना है।
- प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रामतीर्थ गोदावरी सेवा समिति के पदाधिकारी, अध्यक्ष जयंतराव गायधनी समेत, मौजूद थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सिंह ने यह भी बताया कि 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण के दौरान भी शंखनाद होगा, जिसके बाद रामकुंड के पास गोदावरी के दाहिने तट पर गोदा आरती होगी।
आरती का विवाद सुलझता दिख रहा है (मीडिया रिपोर्ट)
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक रामकुंड पर विधि-विधान कराने वाला पुरोहितों का संगठन नाशिक पुरोहित संघ और रामतीर्थ गोदावरी सेवा समिति शुरू में साझा गोदावरी आरती के लिए तैयार नहीं थे। पिछले हफ़्ते कुंभ मेला और पालकमंत्री गिरीश महाजन के साथ बैठक के बाद दोनों 31 अक्टूबर को मिलकर आरती करने पर राज़ी हो गए, ऐसा TOI ने लिखा है। 18 अक्टूबर की प्रेस वार्ता में पुरोहित संघ मौजूद नहीं था; बाद में सिंह और खत्री ने दोनों संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात की।
सुपर फास्ट नाशिक ने 18 अक्टूबर को लिखा कि सिंह और खत्री की बुलाई संयुक्त बैठक में समिति और पंचकोटी गंगा-गोदावरी पुरोहित संघ के मतभेद ख़त्म हो गए। ये मीडिया रिपोर्ट हैं। किसी भी संगठन का अपना बयान हमें नहीं मिला।
अभी क्या साफ़ नहीं है
- समय: हमारी ध्वजारोहण कार्यक्रम वाली पोस्ट में सितंबर के आख़िर की रिपोर्टों के आधार पर महाआरती शाम 7 बजे और करीब 5,000 सीटें बताई गई थीं। प्रहार अब शाम 6 बजे बता रहा है। आधिकारिक छपा कार्यक्रम अभी नहीं आया है, इसलिए हम दोनों जानकारियाँ दे रहे हैं।
- अतिथि: 8 अक्टूबर को समिति ने पुढारी से कहा था कि महाआरती में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आएँगी और उसने शृंगेरी शंकराचार्य विधुशेखर भारती को भी आमंत्रित किया है। राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है।
अगर आप आने की सोच रहे हैं
रामकुंड पर अभी काम चल रहा है और प्रवेश सीमित है। 31 अक्टूबर के VVIP कार्यक्रमों के आसपास वहाँ पहुँचना और मुश्किल होगा। देखें: ध्वजारोहण से पहले रामकुंड और घाट बंद और हमारी ध्वजारोहण 2026 गाइड।
संबंधित: कुंभ तिथियाँ, कुंभ काउंटडाउन।

