कुंभ मेला6 अक्टूबर 2026स्रोत: eSakal

ध्वजारोहण 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:02 बजे: कुंभ उद्घाटन का अब तक का कार्यक्रम

लेखक: The Nashik Kumbh Deskमूल घोषणा की तिथि:

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ की औपचारिक शुरुआत शनिवार 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:02 बजे ध्वजारोहण से होगी। पंचवटी के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त पर एक ही समय ध्वज फहराए जाएँगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने की उम्मीद है। जानिए क्या तय है, क्या सिर्फ रिपोर्ट हुआ है और क्या अभी साफ नहीं है।

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ (जिसे नासिक कुंभ भी लिखा जाता है) की औपचारिक शुरुआत इसी महीने के अंत में होगी। सिंहस्थ के आरंभ का प्रतीक ध्वजारोहण शनिवार 31 अक्टूबर 2026 को होगा।

यह तारीख और दोनों स्थान जून 2026 में जारी NTKMA की आधिकारिक कुंभ मेला योजना में दर्ज हैं। पंचवटी, नाशिक के रामकुंड (रामतीर्थ) और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त पर एक ही समय ध्वज फहराए जाएँगे।

मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे का है। eSakal की रिपोर्ट के अनुसार कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने 19 सितंबर की समीक्षा बैठक में यह समय आधिकारिक तौर पर बताया। यही समय 1 जून 2025 को घोषित पहले कार्यक्रम में भी था।

कौन आ सकते हैं

महाजन ने घोषणा की कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के आने की उम्मीद है। राष्ट्रपति दोनों में से किस स्थान पर जाएँगी, यह अभी साफ नहीं है। नवराष्ट्र ने लिखा है कि कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है, इसलिए अतिथियों की सूची को अभी अंतिम न मानें।

दिन-ब-दिन कार्यक्रम

सिर्फ ध्वजारोहण की तारीख, समय और स्थान आधिकारिक रूप से तय हैं। नीचे दिए बाकी कार्यक्रम लोकमत टाइम्स की 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार हैं। इनका आधिकारिक आदेश अभी नहीं आया है।

  • शुक्रवार 30 अक्टूबर: ध्वजारोहण से पहले ग्राम प्रदक्षिणा। रिपोर्ट के अनुसार करीब एक लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मार्ग अभी तय हो रहा है।
  • 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक: रामकुंड पर पूजा, हवन जैसे धार्मिक कार्यक्रम, उसी रिपोर्ट के अनुसार।
  • शनिवार 31 अक्टूबर, दोपहर 12:02 बजे: रामकुंड और कुशावर्त पर ध्वजारोहण (आधिकारिक रूप से तय)।
  • शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 7 बजे: रामकुंड पर गोदावरी महाआरती और "दिव्य संध्या" सांस्कृतिक कार्यक्रम। लोकमत टाइम्स के अनुसार राष्ट्रपति के हाथों आरती की योजना है। नवभारत लाइव ने महाआरती के लिए करीब 5,000 सीटों की बात बताई है।

रामकुंड पर जगह कम

रिपोर्ट के अनुसार रामकुंड पर एक समय में करीब 15,000 लोग ही आ सकते हैं, इसलिए निमंत्रण सीमित रहेंगे। अगर आप उस दिन नाशिक में रहने वाले हैं, तो समारोह के समय रामकुंड तक पहुँच सीमित रहने की उम्मीद रखें।

टाइम्स ऑफ इंडिया की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार NTKMA आयुक्त शेखर सिंह ने अपने पत्र में नाशिक महानगरपालिका (NMC) से रामकुंड पर VIP और आम लोगों के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग माँगे हैं। उस दिन की भीड़ और यातायात से जुड़े विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं।

नए ध्वज स्तंभ और अधूरे काम

NTKMA योजना (खंड 10.3) के अनुसार 31 अक्टूबर से पहले रामकुंड पर और त्र्यंबक में साधुग्राम/घाट क्षेत्र और कुशावर्त पर नए ध्वज स्तंभ लगाए जाएँगे।

19 सितंबर की समीक्षा में महाजन ने सभी एजेंसियों से तैयारी तेज करने को कहा। उन्होंने माना कि बारिश के कारण काम में देरी हुई, लेकिन कहा कि सारे काम अमृत स्नान से पहले पूरे होंगे।

रामकुंड का काम अभी पूरा नहीं है। निरीक्षण के बाद शेखर सिंह ने NMC आयुक्त मनीषा खत्री को लिखा कि सीवरेज और बरसाती पानी के काम, पत्थर की सीढ़ियाँ, केबलिंग और मलबा हटाने का काम बाकी है। उन्होंने अधूरे कामों को "suitably screened" यानी ठीक से ढकने को कहा।

त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त तीर्थ नवीनीकरण के लिए श्रद्धालुओं के लिए बंद है, और नए रूप में कुंड का उद्घाटन 31 अक्टूबर को होना है। पढ़ें हमारा कुशावर्त बंद होने का अपडेट और त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड।

श्रद्धालुओं के लिए इसका मतलब

  • 31 अक्टूबर मेले की औपचारिक शुरुआत है। बड़े स्नान, यानी अमृत स्नान, अगले साल होंगे। सभी कुंभ तिथियाँ देखें।
  • समारोह की पूरी जानकारी के लिए हमारा ध्वजारोहण 2026 पेज देखें।
  • रामकुंड और बाकी घाटों के लिए घाट गाइड देखें।
  • 30 और 31 अक्टूबर के लिए सड़क बंदी, पार्किंग और यातायात योजना अभी जारी नहीं हुई है। तारीख नज़दीक आने पर फिर देखें।

आधिकारिक कार्यक्रम जारी होते ही हम यह पेज अपडेट करेंगे।

The Nashik Kumbh Desk · 6 अक्टूबर 2026