कुशावर्त पर ध्वजस्तंभ पूजन संपन्न; त्र्यंबकेश्वर मंदिर बंद करने पर फैसला अभी नहीं

कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने 15 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर ध्वजस्तंभ पूजन किया। 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण से पहले उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी प्राथमिकता है और त्र्यंबक में स्नान का पानी रीसायकल किया जाएगा। मंदिर को 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक भक्तों के लिए बंद रखने का प्रस्ताव खबरों में है, पर अंतिम फैसला घोषित नहीं हुआ है।

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

2 मिनट में पढ़ें

मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।

पहली घोषणा:

Kushavarta Kund in Trimbak, the symbolic origin of the Godavari river
Kushavarta Kund, Trimbak, regarded as the symbolic origin of the Godavari.Photo: “Kusavarta kund (symbolic origin of the Godavari), Nashik.jpg” by K.Venkataramana, via Wikimedia Commons, CC0

कुंभ मेला मंत्री और नाशिक के पालक मंत्री गिरीश महाजन ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर ध्वजस्तंभ पूजन किया। टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई और फ्री प्रेस जर्नल ने उसी दिन यह खबर दी। पूजन गंगा आरती के साथ पूरा हुआ। यह शनिवार, 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे होने वाले मुख्य ध्वजारोहण से पहले की विधि है, जब नाशिक के रामकुंड और कुशावर्त पर एक साथ ध्वज फहराए जाएंगे। हमारी ध्वजारोहण गाइड देखें।

महाजन ने क्या कहा

  • भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने TOI से कहा कि प्रशासन पिछले कुंभ से चार से पाँच गुना बड़ी भीड़ की तैयारी कर रहा है। रामकुंड और कुशावर्त जैसी तंग जगहों के लिए बारीक योजना बनाई जा रही है।
  • त्र्यंबक में स्नान का पानी रीसायकल करके फिर इस्तेमाल होगा। उनके मुताबिक पानी की कमी नहीं होगी, क्योंकि कुंभ बारिश के मौसम में है।
  • काम जून या जुलाई 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य है, ताकि अगस्त के पहले स्नान से पहले सब तैयार हो।
  • राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे से पहले सभी विभाग तैयारी पूरी करें। TOI के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को न्योता भेजा गया है। उनके आने की उम्मीद है, पर राष्ट्रपति भवन ने अभी पुष्टि नहीं की है।

पीटीआई के अनुसार नया ध्वजस्तंभ 31 फुट ऊँचा है और उस पर समुद्र मंथन की थीम है।

कुशावर्त अभी बंद है

TOI के मुताबिक काम चलने की वजह से कुशावर्त अभी श्रद्धालुओं के लिए बंद है। 31 अक्टूबर के आसपास इसके फिर खुलने की उम्मीद है। देखें: कुशावर्त जीर्णोद्धार के लिए बंद।

क्या त्र्यंबकेश्वर मंदिर बंद होगा? अभी तय नहीं

करीब 9 अक्टूबर से महाराष्ट्र टाइम्स, लोकमत टाइम्स और फ्री प्रेस जर्नल में खबर है कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर को 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026 तक भक्तों के लिए बंद रखने का प्रस्ताव है। मकसद यह है कि ठेकेदार विशेष दर्शन पथ और मंदिर प्रांगण का काम जल्दी पूरा कर सकें।

  • स्थिति: सिर्फ प्रस्ताव। लोकमत टाइम्स के अनुसार अभी केवल शुरुआती चर्चा हुई है। 16 अक्टूबर तक मंदिर ट्रस्ट या प्रशासन का कोई आदेश सामने नहीं आया था।
  • महाराष्ट्र टाइम्स के मुताबिक ऐसा हुआ तो भक्त दशहरा, दिवाली और त्रिपुरारी पूर्णिमा रथोत्सव से वंचित रह सकते हैं, और मंदिर की करीब ₹15 करोड़ आमदनी पर असर पड़ सकता है।
  • कुशावर्त पहले से बंद है, इसलिए त्र्यंबक के व्यापारी चिंतित हैं।

अगले दो महीनों में त्र्यंबकेश्वर जाने की सोच रहे हैं तो निकलने से पहले मंदिर ट्रस्ट की सूचना ज़रूर देखें। आधिकारिक फैसला आते ही हम यह पोस्ट अपडेट करेंगे।

संबंधित: त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड, अमृत स्नान तिथियाँ।