लक्ष्मण झूला के लिए स्वामी समर्थ सेवा केंद्र तोड़ने के नोटिस पर श्रद्धालुओं का धरना

लक्ष्मण झूला परियोजना के लिए NMC ने 20 साल पुराने स्वामी समर्थ सेवा केंद्र को तोड़ने का नोटिस दिया, जिसके बाद करीब 900 श्रद्धालुओं ने धरना दिया। NMC ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

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मीडिया रिपोर्टमीडिया रिपोर्ट पर आधारित। आधिकारिक पुष्टि तक ब्योरे बदल सकते हैं।
Godavari river ghats in Nashik illuminated at night
The Godavari ghats in Nashik at night.Photo: “Godavari at night time,nashik.JPG” by Mahi29, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नाशिक में करीब 900 श्रद्धालुओं ने स्वामी समर्थ सेवा केंद्र को तोड़ने की योजना के विरोध में धरना दिया। यह केंद्र 20 साल पुराना है और गोदावरी के किनारे पर है। फ्री प्रेस जर्नल ने 6 अक्टूबर को यह खबर दी।

यह मीडिया रिपोर्ट है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

क्या हुआ

  • NMC का नोटिस: नाशिक महानगरपालिका (NMC) ने केंद्र को तोड़ने का नोटिस दिया। इसका मकसद लक्ष्मण झूला रिवरफ्रंट परियोजना के लिए जगह खाली करना है।
  • श्रद्धालुओं का विरोध: करीब 900 श्रद्धालु इकट्ठा हुए और नोटिस के खिलाफ धरने पर बैठे।
  • विधायक की ओर से: विधायक देवयानी फरांदे के प्रतिनिधि श्रद्धालुओं से मिले। उन्होंने कहा कि केंद्र नहीं तोड़ा जाएगा।
  • NMC की ओर से: NMC ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई जवाब नहीं दिया है।

अभी स्थिति क्या है

इस समय दो अलग बातें सामने हैं। NMC ने तोड़ने का नोटिस दिया है। विधायक के प्रतिनिधियों ने कहा है कि केंद्र नहीं तोड़ा जाएगा। NMC ने खुलकर नहीं बताया है कि नोटिस अब भी लागू है या नहीं।

केंद्र का क्या होगा, यह अभी पता नहीं है। कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। हम यहाँ सभी पक्षों की बात दे रहे हैं और किसी का पक्ष नहीं ले रहे।

इसका मतलब

  • केंद्र जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए: केंद्र बंद होने की कोई खबर हमारे पास नहीं है। लेकिन NMC की आधिकारिक बात आने तक इसका भविष्य साफ नहीं है।
  • लक्ष्मण झूला परियोजना के लिए: परियोजना की योजना में किसी बदलाव की खबर हमारे पास नहीं है, और न ही कोई आधिकारिक जानकारी।

NMC या श्रद्धालुओं की ओर से आधिकारिक बयान आने पर हम यह पोस्ट अपडेट करेंगे।

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