एक महीने में साधुग्राम में प्रगति नहीं हुई तो कुंभ से दूरी की चेतावनी; महाजन बोले, चार महीने में काम पूरे होंगे
सरकारनामा के अनुसार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत संजयदास और निर्वाणी अखाड़े के महंत मुरलीदास ने कहा कि ध्वजारोहण के लिए आए 40 साधुओं के ठहरने की ठीक व्यवस्था नहीं है, तो कुंभ में 40,000 साधुओं का क्या होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि एक महीने में साधुग्राम में प्रगति नहीं दिखी तो सिंहस्थ में आने पर पुनर्विचार करना होगा। कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि चार महीने में सभी काम पूरे होंगे। यह रिपोर्ट है; अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं।
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लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

काम की धीमी रफ़्तार पर साधुओं की शिकायत अब एक समय-सीमा बन गई है। रिपोर्ट: यह सरकारनामा (30 अक्टूबर, दोपहर 12:06) की ख़बर है। NTKMA, NMC या अखाड़ों का कोई आधिकारिक बयान हमने नहीं देखा।
यह हमारी 30 अक्टूबर की ख़बर महाजन का वादा: अमृत स्नान से पहले कुंभ के सभी काम पूरे होंगे का फ़ॉलो-अप है।
साधुओं ने क्या कहा
- कौन: गुरुवार (29 अक्टूबर) दोपहर निर्वाणी अखाड़े के महंत मुरलीदास, महंत नरेंद्रदास, महंत हेमंतदास, महंत संजयदास और महंत भक्तिचरणदास ने ध्वजारोहण से पहले रामकुंड और शाही मार्ग का निरीक्षण किया।
- ठहरने की व्यवस्था: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजयदास और मुरलीदास ने कहा कि ध्वजारोहण के लिए आए 40 साधुओं के ठहरने की पूरी व्यवस्था नहीं है, तो कुंभ में 40,000 साधुओं को प्रशासन कैसे संभालेगा।
- चेतावनी: सरकार ने एक महीने में साधुग्राम की व्यवस्था नहीं की तो बहिष्कार की चेतावनी दी गई। संजयदास के शब्दों में: एक महीने में प्रगति नहीं दिखी तो सिंहस्थ में आने पर पुनर्विचार करना होगा।
- समय क्यों अहम: संजयदास के अनुसार अखाड़ों को जून 2027 के आसपास तक ज़मीन चाहिए, ताकि तय हो सके कि कितने खालसे बुलाने हैं। सरकारनामा के अनुसार साधुग्राम की ज़मीन अभी प्रशासन के कब्ज़े में नहीं है।
- रामकुंड की सीढ़ियाँ: मुरलीदास ने कहा कि रामकुंड में उतरने की नई सीढ़ियों की रचना ठीक नहीं है, और अमृत स्नान में हज़ारों साधु एक साथ उतरेंगे तो हादसा हो सकता है। उन्होंने काम की दोबारा जाँच और बदलाव की माँग की।
महाजन ने क्या कहा
कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन मौके पर साधुओं से मिले। कुंभ में करीब नौ महीने बाकी हैं, और उन्होंने कहा कि चार महीने में सभी काम पूरे होंगे। उन्होंने अधिकारियों को बुलाकर साधुओं के सुझावों पर जल्द अमल करने को कहा। फिर महाजन और मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने सीढ़ियाँ देखीं। सीढ़ियाँ बदलने पर कोई फ़ैसला सामने नहीं आया है।
स्रोतों में अंतर
- समय-सीमा: टाइम्स ऑफ़ इंडिया (29 अक्टूबर) के अनुसार महाजन ने अगस्त-सितंबर 2027 के अमृत स्नान से पहले काम पूरे करने का वादा किया। सरकारनामा उन्हें चार महीने कहते हुए बताता है। दोनों बातें सही हो सकती हैं, पर कोई भी आधिकारिक बयान में नहीं है।
- लहजा: सरकारनामा की हेडलाइन इसे सीधी बहिष्कार की चेतावनी कहती है; संजयदास का उद्धरण नरम है ("आने पर पुनर्विचार करना होगा")।

