त्र्यंबकेश्वर नगर सभा में तोड़फोड़ और मुआवज़े पर लोगों का गुस्सा; कुंभ मेला प्राधिकरण के अधिकारी नहीं पहुँचे
17 अक्टूबर को त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद की बुलाई नगर सभा में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों ने दुकानें और घर जाने, कम मुआवज़े और जानकारी न मिलने को लेकर कुंभ मेला प्राधिकरण की आलोचना की। TOI के अनुसार प्राधिकरण के अधिकारी सभा में नहीं आए। तहसीलदार ने कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजेंगे।
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

कुंभ विकास कामों को लेकर त्र्यंबकेश्वर में नाराज़गी शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को खुलकर सामने आई। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 18 अक्टूबर को बताया कि नगर परिषद की बुलाई नगर सभा में नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के अधिकारी नहीं पहुँचे, जिसके बाद लोगों ने प्राधिकरण की कड़ी आलोचना की। यह मीडिया रिपोर्ट है; हमें मिले स्रोतों में प्राधिकरण की कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं है।
सभा में क्या हुआ
- सभा की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार ने की। विधायक हिरामण खोसकर और तहसीलदार गोविंद जाधव मौजूद थे।
- नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों ने दुकानें और घर जाने, कम मुआवज़े, रोज़ की परेशानी और विकास योजनाओं की जानकारी न मिलने का मुद्दा उठाया।
- उनका आरोप था कि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना विस्थापित किया गया, पुनर्वास के वादे पूरे नहीं हुए और विभागों में तालमेल नहीं है।
- लोगों ने यह भी पूछा कि कुंभ हर 12 साल में आता है, फिर काम सिर्फ पिछले एक साल में जल्दबाज़ी में क्यों हुए, और जब श्रद्धालुओं की भीड़ बाँटने के लिए शहर के बाहर काम चल ही रहा था तो शहर में घर-दुकानें क्यों तोड़ी गईं।
लोगों ने क्या कहा
TOI के मुताबिक दुकानदार रमेश भुसारे ने कहा कि उनकी दुकान तो ले ली गई, पर उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
निवासी केशव गायकवाड ने पूछा कि जब, उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने काशी में अधिग्रहीत संपत्तियों के लिए चार गुना मुआवज़े की घोषणा की थी, तो त्र्यंबकेश्वर पर यही नियम क्यों लागू नहीं होता।
आगे क्या
तहसीलदार जाधव ने शिकायतें सुनीं और कहा कि वे लोगों की भावनाएँ, शिकायतें और पीड़ा संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएँगे। उन्होंने बताया कि सभा की पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। मुआवज़े पर कोई फैसला या नई पुनर्वास योजना घोषित नहीं हुई है।
यह त्र्यंबकेश्वर में हाल के तनाव की एक और कड़ी है, जिसमें मंदिर को दो महीने बंद रखने के प्रस्ताव पर विवाद भी शामिल है। देखें: पुरोहित संघ और ट्रस्ट का मंदिर बंदी का विरोध।
संबंधित: त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड, कुंभ स्थिति बोर्ड।

