रामकुंड पर धर्मध्वज स्तंभ खड़े: 51 फुट और 31 फुट के स्तंभ लगे, बाकी काम पाँच दिन में पूरे होंगे
फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण के लिए रामकुंड पर 51 फुट और 31 फुट ऊँचे दो धर्मध्वज स्तंभ लगा दिए गए हैं। मुख्य स्तंभ पर पीतल का गरुड़ और दूसरे पर पीतल का मकर है। नगर आयुक्त मनीषा खत्री के अनुसार रामकुंड और गोदाघाट के ज़्यादातर काम पूरे हो चुके हैं और बाकी पाँच दिन में पूरे होंगे।
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

रामकुंड पर अब धर्मध्वज स्तंभ खड़े हो गए हैं। फ्री प्रेस जर्नल ने 18 अक्टूबर 2026 को बताया कि सिंहस्थ के ध्वजारोहण (शनिवार, 31 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:02 बजे) के लिए 51 फुट और 31 फुट ऊँचे दो धर्मध्वज स्तंभ लगा दिए गए हैं। स्तंभों का ब्योरा मीडिया रिपोर्ट है। बाकी कामों पर नगर आयुक्त मनीषा खत्री का बयान ऑन-रिकॉर्ड है (टाइम्स ऑफ इंडिया, 18 अक्टूबर)।
दोनों स्तंभ (FPJ के अनुसार)
- 51 फुट के मुख्य स्तंभ पर पीतल का गरुड़ लगा है और दूसरे स्तंभ पर पीतल का मकर, जिसे गंगा और गोदावरी का वाहन माना जाता है।
- स्तंभों पर पीतल की परत चढ़ाई गई है, ताकि कुंभ के दौरान और उसके बाद के सालों में भी बारिश-हवा का असर न हो। धूप में 51 फुट का स्तंभ सुनहरा दिखता है।
- नीचे कमल पीठ (कमल के आकार का आधार) बनाया गया है और ऊपर मंगल कलश रखा गया है।
- स्तंभ 50 फुट की क्रेन से लगाए गए; काम शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिन भर चला।
- FPJ के अनुसार रामकुंड इलाके से झोपड़ियाँ और अतिक्रमण भी हटा दिए गए हैं।
जनवरी से तय थी योजना
लोकसत्ता की उस समय की रिपोर्ट के मुताबिक स्तंभों की ऊँचाई 31 जनवरी 2026 को NTKMA आयुक्त शेखर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुई थी। उसमें नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के लिए एक जैसी रचना वाले 51 फुट और 31 फुट के स्तंभ और उन पर समुद्र मंथन से जुड़ी प्रतीकात्मक नक्काशी तय हुई थी। ध्वज की रचना नाशिक और त्र्यंबक के पुरोहित संघ ही करेंगे, इस पर भी सहमति बनी थी। त्र्यंबक में कुशावर्त पर ध्वजस्तंभ पूजन 15 अक्टूबर को हुआ; देखें हमारी रिपोर्ट।
रामकुंड के काम: पाँच दिन और
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार खत्री ने 18 अक्टूबर को NTKMA के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "रामकुंड और गोदाघाट के ज़्यादातर काम पूरे हो गए हैं, बाकी काम अगले पाँच दिनों में पूरे हो जाएँगे।" उनके मुताबिक काम पूरा होने पर रामकुंड का रूप निखर जाएगा। NTKMA ने पहले रामकुंड के काम के लिए अक्टूबर के मध्य की समय-सीमा रखी थी, और अक्टूबर की शुरुआत में NMC को लिखा था कि काम पिछड़ रहे हैं (टाइम्स ऑफ इंडिया, 5 अक्टूबर); देखें वह रिपोर्ट।
अगर आप आ रहे हैं
काम पूरे होने तक रामकुंड और आसपास के घाटों पर प्रवेश सीमित है। दोबारा खुलने की तारीख घोषित नहीं हुई है। देखें: ध्वजारोहण से पहले रामकुंड और घाट बंद।
संबंधित: ध्वजारोहण 2026 गाइड, नाशिक के घाट, कुंभ स्थिति बोर्ड।
