कुंभ प्राधिकरण का कार्यवृत्त: ध्वजारोहण के देश-विदेश प्रचार के लिए ₹16 करोड़, ₹43 करोड़ की मीडिया योजना ₹20 करोड़ की सीमा में, और IIT बॉम्बे को ₹69 लाख अतिरिक्त
विभागीय आयुक्त की वेबसाइट पर 28 अक्टूबर को डाले गए 21 अक्टूबर की बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण ने राज्य के सूचना विभाग के ज़रिए 21 से 31 अक्टूबर तक ध्वजारोहण के प्रचार अभियान के लिए GST सहित ₹16 करोड़ मंज़ूर किए। ज़िला सूचना कार्यालय की ₹43 करोड़ की प्रचार योजना को भी मंज़ूरी मिली, पर सिर्फ़ तकनीकी मंज़ूरी और शिखर समिति की तय ₹20 करोड़ की सीमा की शर्त पर। तीसरे फ़ैसले में IIT बॉम्बे का मानधन ₹69 लाख और GST बढ़ाया गया, क्योंकि उसके द्वारा जाँचे जाने वाले कामों की लागत ₹175 करोड़ बढ़ गई है।
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लेखक: The Nashik Kumbh Desk
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पहली घोषणा:

कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) ने 21 अक्टूबर 2026 की अपनी समीक्षा बैठक का कार्यवृत्त जारी किया है। बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंस से प्राधिकरण के अध्यक्ष, विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता में हुई, और कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह सदस्य सचिव थे। पुष्ट: नीचे की सारी जानकारी आधिकारिक कार्यवृत्त से है, जिसे 28 अक्टूबर को विभागीय आयुक्त की वेबसाइट पर डाला गया। बैठक में तीन फ़ैसले हुए, तीनों सर्वसम्मति से।
1. ध्वजारोहण के प्रचार के लिए ₹16 करोड़
- क्या: 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण के लिए राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय (DGIPR) का अभियान, राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।
- माध्यम: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (आकाशवाणी, दूरदर्शन, FM, न्यूज़ चैनल), आउटडोर (होर्डिंग, LED स्क्रीन, हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर डिस्प्ले), ज़मीनी गतिविधियाँ, चित्ररथ, सोशल और न्यू मीडिया।
- कब: 21 से 31 अक्टूबर 2026।
- लागत: करीब ₹14 करोड़ और GST, कुल ₹16 करोड़, सामान्य निविदा नियमों के अधीन।
- निजी होर्डिंग के लिए महानगरपालिका और PWD से समय पर अनुमति लेने की ज़िम्मेदारी ज़िला सूचना अधिकारी, नाशिक की है।
2. ज़िला सूचना कार्यालय की ₹43 करोड़ की योजना, सीमा ₹20 करोड़
- क्या: सिंहस्थ की तैयारी और पर्व (स्नान) काल के लिए ज़िला सूचना कार्यालय, नाशिक का प्रचार ढाँचा और विज्ञापन।
- कार्यवृत्त में उदाहरण: रामकुंड और कुशावर्त पर मीडिया गैलरी, टावर और टीन शेड, VVIP अतिथियों और पत्रकारों का भोजन और परिवहन, तीन मीडिया सेंटरों के लिए वीडियो कैमरे, कंप्यूटर, प्रिंटर, टैब और टीवी, और दूरदर्शन, स्थानीय केबल, बसों और अख़बारों में विज्ञापन।
- प्रस्ताव: ₹43 करोड़ (ढाँचा ₹10.15 करोड़, साधन-सामग्री ₹2.45 करोड़, विज्ञापन ₹30.40 करोड़)।
- लेकिन: प्रस्ताव को अभी तकनीकी मंज़ूरी नहीं मिली है, और शिखर समिति ने इस काम के लिए ₹20 करोड़ की सीमा तय की है। प्राधिकरण ने तकनीकी मंज़ूरी लेने और असल ख़र्च ₹20 करोड़ के भीतर रखने की शर्त पर मंज़ूरी दी।
3. IIT बॉम्बे को ₹69 लाख अतिरिक्त
- मई 2026 में प्राधिकरण ने कामों की गुणवत्ता की तकनीकी जाँच के लिए IIT बॉम्बे को ₹3.90 करोड़ देने पर सहमति दी थी, जो करीब ₹1,000 करोड़ के कामों का 0.39% है।
- उन कामों की संशोधित लागत ₹175 करोड़ बढ़ गई है। उसी 0.39% की दर से मानधन करीब ₹4.59 करोड़ बनता है।
- प्राधिकरण ने अतिरिक्त ₹69 लाख और GST मंज़ूर किए।
आपके लिए इसका मतलब
- इससे 31 अक्टूबर की तारीख़, रास्तों या प्रवेश नियमों में कोई बदलाव नहीं होता। इससे पता चलता है कि पैसा कहाँ जा रहा है: सिर्फ़ ध्वजारोहण के प्रचार का बजट ₹16 करोड़ है।
- कार्यवृत्त में यह नहीं बताया गया कि ₹16 करोड़ में से अब तक कितना ख़र्च हुआ।
- कुंभ के कुल बजट के लिए हमारी ₹22,425 करोड़ योजना वाली ख़बर देखें। 31 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए ध्वजारोहण 2026 हब देखें।

