कुंभ आयुक्त शेखर सिंह: स्थायी काम करीब 1 मार्च तक, 5,000 बसें, 15 किमी से ज़्यादा घाट; कुंभ की आधिकारिक वेबसाइट 31 अक्टूबर को शुरू होगी
23 अक्टूबर को प्रहार में छपे इंटरव्यू में कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि ज़्यादातर स्थायी काम करीब 1 मार्च 2027 तक पूरे हो जाने चाहिए। उन्होंने करीब 5,000 एसटी बसों, 13 प्रवेश मार्गों, 50,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों और करीब 15.5–16 किमी तक दोगुने घाटों की बात भी कही। PTI और UNI ने 22 अक्टूबर को बताया कि कुंभ की आधिकारिक वेबसाइट का बुनियादी, स्थिर संस्करण 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण पर शुरू होगा। उसका पता अभी घोषित नहीं हुआ है।
यह खबर सुनें
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
5 मिनट में पढ़ें
पहली घोषणा:

31 अक्टूबर के ध्वजारोहण से आठ दिन पहले कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने मराठी दैनिक प्रहार को लंबा इंटरव्यू दिया (23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित, सुहास शेलार)। उन्होंने बताया कि काम कहाँ तक पहुँचे हैं और आगे की योजना क्या है। नीचे दिए आँकड़े उन्हीं के हैं, जैसा इंटरव्यू में छपा है। इन्हीं आँकड़ों वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज़ हमें नहीं मिला, और कुछ आँकड़े पहले की योजनाओं से अलग हैं (नीचे "आँकड़ों में फ़र्क" देखें)।
समय-सीमा
- ध्वजारोहण 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे के मुहूर्त पर नाशिक और त्र्यंबकेश्वर, दोनों जगह होगा।
- कुल काम करीब ₹35,000 करोड़ के हैं। सिंह के मुताबिक इनमें से करीब 85% स्थायी हैं।
- उन्होंने कहा कि ज़्यादातर स्थायी काम आधे या उससे आगे पहुँच गए हैं। समय-सीमा करीब 1 मार्च 2027 है, और कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अप्रैल–मई तक शुरू होंगे।
- साधुग्राम, पार्किंग और शौचालय जैसे अस्थायी काम भी शुरू हो गए हैं।
घाट, साधुग्राम और भीड़
- 12–13 नए घाट बन रहे हैं। त्र्यंबकेश्वर में पेगलवाड़ी प्रयागतीर्थ पर नया घाट एक किनारे करीब 2.5 किमी और दोनों किनारे मिलाकर करीब 3.5 किमी का होगा।
- उनके अनुसार घाटों की कुल लंबाई करीब 7.5–8 किमी से बढ़कर 15.5–16 किमी हो जाएगी।
- नाशिक का साधुग्राम पिछली बार के करीब 320–330 एकड़ से बढ़कर करीब 1,300 एकड़ होगा, यानी लगभग चार गुना। त्र्यंबक में यह 15–20 एकड़ से बढ़कर करीब 250 हेक्टेयर होगा।
- उन्हें पिछले कुंभ से चार-पाँच गुना श्रद्धालुओं की उम्मीद है।
पहुँचने के रास्ते
- 13 प्रवेश मार्ग: नाशिक में 9 हाईवे और त्र्यंबक में 4 रास्ते। शहर के अंदर और बाहर, दोनों तरफ़ पार्किंग।
- करीब 5,000 एसटी (MSRTC) बसें।
- रेलवे के साथ मिलकर उत्तर से आने वाली गाड़ियों के लिए ओढा, कसबे सुकेणे और खेरवाड़ी स्टेशन, और दक्षिण से आने वाली गाड़ियों के लिए देवलाली और नाशिक रोड तैयार किए जा रहे हैं। स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी।
भीड़ और सुरक्षा
- "होल्ड एंड रिलीज़" तरीके से भीड़ नियंत्रण, 50,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी, और भोसला मिलिट्री अकादमी के साथ प्रशिक्षित 15,000 से ज़्यादा स्वयंसेवक।
- उन्होंने बताया कि 2003 की नाशिक भगदड़ के बाद बनी रमणी समिति की सिफ़ारिशों का अध्ययन किया गया है।
- IIM नागपुर, IIT दिल्ली और IIT तिरुपति का समूह भीड़ के सिमुलेशन कर रहा है।
- 5,000 से ज़्यादा CCTV कैमरे, AI के 18 उपयोग और डिजिटल ट्विन। ज़्यादा जानकारी हमारे भीड़ प्रबंधन लेख में है।
पानी और सीवेज
- नाशिक में चार प्लांटों में 486 MLD सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बन रही है, PPP-HAM मॉडल पर, 25 साल के रखरखाव के साथ। काम जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। त्र्यंबक में 6.5 MLD का प्लांट बनेगा।
- AMRUT के तहत 300 किमी से ज़्यादा नई सीवर लाइनें, और 19 नालों को रोका जा रहा है।
- त्र्यंबक में 10.5 MLD का जल शोधन संयंत्र बनेगा। उन्होंने कहा कि मुकणे बाँध का 274 MLD आरक्षण पूरा इस्तेमाल होगा, जिसमें से करीब 50–60 MLD कुंभ के लिए होगा।
विरासत और मंदिर
- कालाराम मंदिर, सीता गुफा और रामकुंड को जोड़ने वाला रामकाल पथ। त्र्यंबक में तिरुपति की तर्ज़ पर प्रतीक्षा हॉल वाला शिवदर्शन पथ।
- ASI नारोशंकर और सुंदरनारायण मंदिरों और अजगरेश्वर समाधि का जीर्णोद्धार कर रहा है। कुशावर्त का जीर्णोद्धार दो चरणों में हो रहा है, और प्रयागतीर्थ, बिल्वतीर्थ और इंद्रकुंड समेत करीब छह कुंड विकसित किए जा रहे हैं।
- गोदा आरती के बारे में उन्होंने कहा कि पुरोहित संघ की परंपरा जारी रहेगी, बाकी संस्थाएँ भी शामिल होंगी, और अब सहमति बन गई है।
31 अक्टूबर को कुंभ की आधिकारिक वेबसाइट
PTI (लोकमत टाइम्स के ज़रिए) और UNI ने 22 अक्टूबर को बताया कि कुंभ मेला प्राधिकरण एक एकीकृत आधिकारिक वेबसाइट बना रहा है:
- बुनियादी जानकारी वाला स्थिर संस्करण 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण पर शुरू होगा।
- शुरुआत में कुंभ का आध्यात्मिक महत्व, इतिहास, मंदिर, घाट, अखाड़े, और हवाई, रेल व सड़क से नाशिक पहुँचने की जानकारी होगी।
- पार्किंग, डायवर्ज़न, प्रवेश-निकास, शटल और पैदल मार्ग की जानकारी रियल-टाइम अपडेट के साथ चरणों में जोड़ी जाएगी।
- वेबसाइट का पता अभी घोषित नहीं हुआ है। तब तक ख़ुद को "आधिकारिक" बताने वाली साइटों से सावधान रहें। साइट शुरू होते ही हम लिंक यहाँ जोड़ देंगे।
साधुग्राम लिंक रोड स्थायी समिति के पास
पुढारी ने 22 अक्टूबर को बताया कि 30 मीटर चौड़ी सड़क का ₹32.53 करोड़ का प्रस्ताव उसी दिन NMC की स्थायी समिति के सामने रखा गया। यह सड़क जनार्दन स्वामी मठ (छत्रपति संभाजीनगर रोड) से लक्ष्मीनारायण मंदिर पुल होते हुए ड्रीम सिटी चौक तक जाएगी और नाशिक–पुणे हाईवे को संभाजीनगर रोड से जोड़ेगी।
- कुंभ मेला प्राधिकरण ने ₹36 करोड़ की प्रशासकीय मंज़ूरी दी है।
- 11 निविदाएँ आईं, जिनमें 6 पात्र थीं। मेसर्स बी. टी. कडलग कंस्ट्रक्शन को अनुमान से 10.10% ज़्यादा दर पर चुना गया, काम की लागत करीब ₹26.11 करोड़ है।
- यह सड़क पुलिस आयुक्त की "A" प्राथमिकता सूची में है। इससे साधुग्राम, लक्ष्मीनारायण घाट, कपिला संगम घाट, तपोवन, रामसृष्टि और यात्रा मार्ग तक पहुँचना आसान होगा।
- समिति ने क्या फ़ैसला किया, यह अभी सामने नहीं आया है। पुढारी के शीर्षक में "मंज़ूर" लिखा है, लेकिन ख़बर में सिर्फ़ इतना है कि प्रस्ताव समिति के सामने रखा गया।
आँकड़ों में फ़र्क
- बसें: सिंह ने करीब 5,000 कहा। प्राधिकरण की जून 2026 की परिवहन योजना में 4,500 थीं।
- साधुग्राम: सिंह ने करीब 1,300 एकड़ कहा। पहले की ख़बरों में करीब 1,380–1,400 एकड़ था (हमारी साधुग्राम भूमि अधिग्रहण ख़बर देखें)।
- नए घाट: यहाँ "12–13", पहले की ख़बरों में 12।
आपके लिए इसका मतलब
- सड़कों, घाटों और सीवेज प्लांटों की समय-सीमा अब मार्च–मई 2027 तक है, यानी 2 अगस्त 2027 के पहले अमृत स्नान से कुछ महीने पहले। तारीख़ों वाला पेज देखें।
- 31 अक्टूबर के बाद पार्किंग और डायवर्ज़न की जानकारी, जैसे-जैसे जुड़ेगी, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।
- उत्तर भारत से ट्रेन से आ रहे हैं तो ओढा, कसबे सुकेणे और खेरवाड़ी स्टेशनों पर नज़र रखें। हमारी कैसे पहुँचें गाइड देखें।

