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यात्रा

अखाड़ा पथ

तंबुओं का नगर, अखाड़े, और भस्म लपेटे साधु

साधुग्राम से होकर तीन पड़ाव, वह अस्थायी नगर जो कुंभ के लिए बनता है और उसके बाद मिट जाता है। देर दोपहर में चलना सबसे अच्छा। किसी की तस्वीर लेने से पहले पूछिए।

3
पड़ाव
45
मिनट
2.2
किमी

फ़्लो

पड़ाव पर पहुँचते ही कहानी स्वयं शुरू हो जाएगी।

मार्ग

1साधुग्राम2अखाड़ों के शिविर3नागा साधु500 mN
पड़ावों के बीच दूरी और दिशा वास्तविक अनुपात में हैं। सड़कें नहीं दिखाई गई हैं, रास्ते के लिए नीचे किसी भी पड़ाव पर टैप करें।
  1. सुनते समय: तंबुओं को नहीं, ज़मीन को देखिए। पानी की लाइनें, बिजली के खंभे, नालियाँ, सब कुछ कुछ ही सप्ताहों में बिछाया गया, एक ज़िले जितनी आबादी के लिए।

    रास्ता

मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी में रिकॉर्ड की गई आवाज़, हर कहानी लगभग आधा एमबी। यदि रिकॉर्डिंग न चले तो आपका फ़ोन स्वयं पाठ पढ़कर सुनाएगा।