सरकार6 अक्टूबर 2026स्रोत: Times of India

नाशिक कुंभ के लिए ₹92 करोड़ की अग्निशमन और आपदा योजना मंज़ूर, NDMA ने की तैयारी की समीक्षा

लेखक: The Nashik Kumbh Desk

NTKMA ने NMC की ₹92 करोड़ की अग्निशमन और आपदा योजना मंज़ूर की है: वाहनों के लिए ₹58.3 करोड़, उपकरणों के लिए ₹32.5 करोड़ और प्रशिक्षण व मॉक ड्रिल के लिए ₹1.25 करोड़। NDMA ने दिल्ली में तैयारी की समीक्षा की है। घाट-वार भीड़ योजना अभी प्रकाशित नहीं हुई है।

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) ने 2027 के सिंहस्थ के लिए नाशिक महानगरपालिका (NMC) की ₹92 करोड़ की अग्निशमन और आपदा योजना को मंज़ूरी दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 14 अगस्त 2026 को आधिकारिक प्रशासकीय मंज़ूरी के आधार पर यह खबर दी।

₹92 करोड़ कहाँ खर्च होंगे

रिपोर्ट के अनुसार यह राशि तीन हिस्सों में बँटी है: - वाहनों के लिए ₹58.3 करोड़ - उपकरणों के लिए ₹32.5 करोड़ - प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल के लिए ₹1.25 करोड़

कौन-से वाहन और कौन-से उपकरण खरीदे जाएँगे, इसकी पूरी सूची हमारे देखे गए स्रोतों में नहीं है, इसलिए हम यहाँ अंदाज़ा नहीं लगा रहे। प्रशिक्षण का हिस्सा रकम में छोटा है, पर अहम है: उपकरण तभी काम आते हैं जब उन्हें चलाने वालों ने अभ्यास किया हो।

दिल्ली में NDMA की समीक्षा

फ्री प्रेस जर्नल की 28 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने दिल्ली में नाशिक कुंभ की तैयारी की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। इसमें ये विषय थे: - मेले के लिए खतरे और जोखिम का आकलन - साइट पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) - इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम, जो तय करता है कि आपात स्थिति में किसकी क्या ज़िम्मेदारी है - राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तैनाती - CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु) खतरों की तैयारी

यानी कुंभ की तैयारी सिर्फ शहर या राज्य का काम नहीं है, राष्ट्रीय आपदा संस्था भी इसमें शामिल है।

घाटों पर सुरक्षा

NTKMA की कुंभ मेला योजना में स्नान घाटों के लिए पानी में सुरक्षा के ये इंतज़ाम हैं: - जल पुलिस - गहरे पानी में बैरिकेडिंग - घाटों पर लाइफगार्ड और नावें - रंगों के हिसाब से बँटे रास्ते

श्रद्धालुओं को सबसे ज़्यादा बैरिकेड और लाइफगार्ड ही दिखेंगे। स्नान करते समय बैरिकेड के अंदर ही रहें और गहरे पानी में न जाएँ, चाहे आपको तैरना आता हो।

नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में नए घाट भी बन रहे हैं, जिनका लक्ष्य मार्च 2027 है। इससे स्नान की भीड़ नदी के लंबे हिस्से में बँट सकेगी। ज़्यादा जानकारी हमारे घाट पेज पर है।

क्या अभी प्रकाशित नहीं हुआ

श्रद्धालुओं के काम की कई चीज़ें अभी प्रकाशित नहीं हुई हैं: - आधिकारिक घाट-वार भीड़ योजना - ट्रैफिक और सड़क बंदी के आदेश - खोया-पाया केंद्रों की जगहें - अमृत स्नान का समय

NTKMA या पुलिस के प्रकाशित करते ही हम इन्हें अपने पेजों पर जोड़ेंगे। आधिकारिक घोषणा से पहले ये ब्योरे होने का दावा करने वाले किसी संदेश या वेबसाइट से सावधान रहें।

इतना अभी तय है: NTKMA की परिवहन योजना के अनुसार अमृत स्नान के दिन निजी वाहन बाहरी पार्किंग हब पर रुकेंगे, और रामकुंड तथा त्र्यंबक मंदिर के आसपास का मुख्य इलाका पैदल क्षेत्र होगा।

आप अभी क्या कर सकते हैं

  • फोन में 112 (आपात स्थिति, पुलिस) और 108 (एम्बुलेंस) सेव करें। दोनों हमारे आपातकालीन पेज पर हैं।
  • मैदान पर पुलिस, लाइफगार्ड और स्वयंसेवकों के निर्देश मानें। NTKMA की प्रशिक्षण योजना में गोदा दूत, NCC और NSS सहित 10,000 से ज़्यादा स्वयंसेवकों का अनुमान है।
  • घाट पहुँचने से पहले अपने साथियों के साथ मिलने की एक जगह तय कर लें, ताकि बिछड़ने पर परेशानी न हो।
  • दिन सोच-समझकर चुनें। तीनों अमृत स्नान के दिन सबसे ज़्यादा भीड़ होगी। सभी स्नान तिथियाँ हमारे तिथियाँ पेज पर देखें।

सिंहस्थ की औपचारिक शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण से होगी और पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027 को है।

The Nashik Kumbh Desk · 6 अक्टूबर 2026