कुंभ से पहले 63 आश्रमों, मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के प्रस्ताव आगे बढ़े, 48 अकेले त्र्यंबकेश्वर से
पुढारी और फ्री प्रेस जर्नल ने 20 अक्टूबर को बताया कि नाशिक के कलेक्टर आयुष प्रसाद की अध्यक्षता वाली समिति ने जिले की 63 धार्मिक संस्थाओं के बुनियादी सुविधाओं के प्रस्ताव जाँचकर मंज़ूरी के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण को भेज दिए हैं। इनमें 48 प्रस्ताव त्र्यंबकेश्वर तालुका के हैं। प्राधिकरण की मंज़ूरी और निधि मिलने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा।
यह खबर सुनें
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
2 मिनट में पढ़ें
पहली घोषणा:

सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को ठहराने वाले आश्रमों, मंदिरों, मठों और दूसरी धार्मिक संस्थाओं को नई सुविधाएँ मिलने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा है। पुढारी और फ्री प्रेस जर्नल ने 20 अक्टूबर 2026 को खबर दी कि कलेक्टर आयुष प्रसाद की अध्यक्षता वाली समिति ने 63 धार्मिक संस्थाओं के प्रस्तावों की जाँच पूरी कर ली है और उन्हें मंज़ूरी के लिए नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) को भेज दिया है। यह जानकारी जिला प्रशासन के हवाले से छपी खबरों पर आधारित है। संस्थाओं की सूची या रकम अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
63 प्रस्ताव कहाँ से आए
- त्र्यंबकेश्वर: 48
- सिन्नर: 5
- दिंडोरी: 4
- इगतपुरी: 3
- नाशिक: 2
- निफाड: 1
संस्थाओं ने क्या माँगा है
खबरों के मुताबिक पक्का निर्माण, शौचालय, स्नानघर, पीने का पानी, सीवेज प्रबंधन, अंदरूनी सड़कें, सुरक्षा दीवारें और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए निधि माँगी गई है।
आगे क्या
- NTKMA को प्रस्ताव मंज़ूर कर निधि तय करनी है। पुढारी के मुताबिक उसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। मंज़ूरी की कोई तारीख घोषित नहीं हुई है।
- यह योजना 12 अगस्त 2026 को जिला सूचना कार्यालय की विज्ञप्ति से शुरू हुई थी। इसमें नाशिक के 3 और त्र्यंबकेश्वर के 10 प्रमुख अखाड़ों के अलावा दूसरी संस्थाएँ शामिल हैं। प्रस्ताव 15 सितंबर 2026 तक देने थे।
- उस विज्ञप्ति के नियम: ज़मीन संबंधित ट्रस्ट, आश्रम या संस्था के नाम पर हो और उस पर कोई अदालती विवाद न हो। NTKMA प्रशासनिक मंज़ूरी देगा, फिर कार्यान्वयन एजेंसी टेंडर निकालकर काम करेगी।
जो अभी पक्का नहीं
- पहले की खबरों में कहा गया था कि पात्र संस्थाओं को ₹15 लाख तक की सुविधाएँ मिल सकती हैं, और पहले चरण में 84 संस्थाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण किया था। 20 अक्टूबर की खबरों में यह साफ नहीं है कि ये 63 प्रस्ताव उन 84 से कैसे जुड़े हैं। पुढारी की एक पिछली खबर के अनुसार नाशिक शहर और जिले के बाहर के प्रस्ताव स्थानीय जाँच के बिना सीधे प्राधिकरण को भेजे जाने थे, इसलिए हो सकता है कि 63 पूरी सूची न हो।
- NTKMA की मंज़ूरी आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए क्यों अहम
खासकर त्र्यंबकेश्वर में बहुत से श्रद्धालु होटलों की बजाय आश्रमों और धर्मशालाओं में ठहरते हैं। वहाँ बेहतर शौचालय, पानी और कमरे होंगे तो अमृत स्नान के दिनों में शहर पर दबाव कम होगा। ठहरने के विकल्पों के लिए देखें: आवास और निजी टेंट सिटी के नियम।
संबंधित: त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 गाइड, कुंभ स्थिति बोर्ड।

