
नाशिक सिंहस्थ के लिए ₹260 करोड़ की स्वास्थ्य योजना: 136 चिकित्सा केंद्र, 190 एम्बुलेंस, 1,945 बेड
लेखक: The Nashik Kumbh Desk
2027 सिंहस्थ के लिए ₹260 करोड़ की स्वास्थ्य योजना को NTKMA के ज़रिए मंज़ूरी मिली है। इसमें 136 अस्थायी चिकित्सा केंद्र, 190 एम्बुलेंस, 3,600 अतिरिक्त कर्मचारी, 1,305 से 1,945 बेड (185 ICU), नांदूर साधुग्राम में 10 बेड का अस्पताल और डिजिटल रोग निगरानी शामिल है।
2027 के नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ के लिए ₹260 करोड़ की स्वास्थ्य योजना को नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) के ज़रिए प्रशासकीय मंज़ूरी मिल गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 25 सितंबर 2026 को आधिकारिक मंज़ूरी के आधार पर यह खबर दी।
योजना में क्या है
रिपोर्ट के अनुसार योजना में ये शामिल हैं: - 136 अस्थायी चिकित्सा केंद्र - 190 एम्बुलेंस, ALS (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) और BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) दोनों तरह की - 3,600 अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मचारी - अस्पताल बेड 1,305 से बढ़कर 1,945, जिनमें 185 ICU बेड - नांदूर साधुग्राम में 10 बेड का अस्थायी अस्पताल - डिजिटल रोग निगरानी व्यवस्था
यानी आज के मुकाबले 640 बेड ज़्यादा। अस्थायी केंद्र और अतिरिक्त कर्मचारी मेले की अवधि के लिए होंगे, नाशिक के मौजूदा अस्पतालों के अलावा।
ये आँकड़े क्यों अहम हैं
योजना का आकार मेले के आकार से समझ में आता है। NTKMA योजना के अनुसार कुल करीब 12 करोड़ श्रद्धालु आएँगे। अमृत स्नान के दिन नाशिक में करीब 1.5 करोड़ और त्र्यंबक में करीब 0.75 करोड़ लोगों का अनुमान है।
साधुओं की संख्या भी काफी बढ़ने की उम्मीद है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 लाख साधु आ सकते हैं, जबकि 2015 में करीब 2.5 लाख आए थे। अखाड़ों का डेरा साधुग्राम में होता है, और NMC को उम्मीद है कि जुलाई 2027 से तपोवन साधुग्राम में साधु आने लगेंगे। इसीलिए नांदूर साधुग्राम में अस्थायी अस्पताल योजना का हिस्सा है।
डिजिटल रोग निगरानी व्यवस्था का मकसद है कि स्वास्थ्य अधिकारी पूरे मेला क्षेत्र में बीमारियों पर नज़र रख सकें। जब करोड़ों लोग एक जगह जुटते हैं, तब समय पर चेतावनी बहुत ज़रूरी होती है।
श्रद्धालुओं के लिए इसका मतलब
योजना मंज़ूर हो गई है, लेकिन कई ब्योरे अभी सामने नहीं आए हैं। 136 चिकित्सा केंद्र कहाँ-कहाँ होंगे और किन घाटों के पास एम्बुलेंस खड़ी रहेंगी, यह अभी प्रकाशित नहीं हुआ है। घाट-वार भीड़ योजना और सड़क बंदी के आदेशों की तरह घाटों पर सुविधाओं की जगहें भी अभी आनी बाकी हैं। NTKMA के प्रकाशित करते ही हम अपने पेज अपडेट करेंगे।
तब तक ये आसान कदम मदद करेंगे: - दो नंबर अभी सेव करें: एम्बुलेंस के लिए 108 और किसी भी आपात स्थिति (पुलिस) के लिए 112। दोनों हमारे आपातकालीन पेज पर हैं। - पैदल चलने की तैयारी रखें। NTKMA की परिवहन योजना के अनुसार अमृत स्नान के दिन निजी वाहन बाहरी पार्किंग हब पर रुकेंगे, और रामकुंड तथा त्र्यंबक मंदिर के आसपास का मुख्य इलाका पैदल क्षेत्र होगा। बुज़ुर्ग और बीमार श्रद्धालु इसका ध्यान रखें। - अपनी ज़रूरी चीज़ें साथ रखें। रोज़ की दवाइयाँ, पर्चे की कॉपी और पहचान पत्र साथ रखें। जेब में एक पर्ची पर परिवार का संपर्क नंबर लिखकर रखें। - दिन सोच-समझकर चुनें। तीनों अमृत स्नान के दिन सबसे ज़्यादा भीड़ होगी। अगर आपको या साथ के किसी व्यक्ति को कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो कम भीड़ वाला कोई पर्व दिन ज़्यादा सुरक्षित रहेगा। सभी स्नान तिथियाँ हमारे तिथियाँ पेज पर देखें।
नदी के पानी के बारे में: NMC आयुक्त मनीषा खत्री ने रिकॉर्ड पर कहा है कि मई 2027 तक गोदावरी का पानी स्नान लायक हो जाएगा। ₹1,600 करोड़ की नदी परियोजना के तहत चार नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मार्च 2027 तक पूरे होने हैं (TOI, 5 सितंबर 2026)।
यात्रा, ठहरने और बाकी तैयारी के लिए हमारी गाइड पढ़ें। सिंहस्थ की औपचारिक शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण से होगी और पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027 को है।